क्या यूपी में गैस सिलेंडर की किल्लत? गोंडा-वाराणसी समेत कई जिलों में लंबी कतारें, मंत्रालय ने दी सफाई

क्या यूपी में गैस सिलेंडर की किल्लत? गोंडा-वाराणसी समेत कई जिलों में लंबी कतारें, मंत्रालय ने दी सफाई

द फ्रंट डेस्क: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और बढ़ते वैश्विक तनाव की खबरों का असर अब भारत के कई हिस्सों में भी दिखाई देने लगा है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में LPG गैस को लेकर अफवाहों का माहौल बन गया है। गोंडा, उन्नाव, मुजफ्फरनगर, चंदौली, लखनऊ, बाराबंकी, मिर्जापुर, नोएडा, झांसी, बरेली, मुरादाबाद, संभल और वाराणसी जैसे जिलों में गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। लोगों में यह आशंका फैल गई है कि कहीं आने वाले दिनों में गैस की कमी न हो जाए। इसी डर के कारण कई लोग समय से पहले ही सिलेंडर लेने के लिए एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं, जिससे अचानक मांग बढ़ गई है और एजेंसियों पर भीड़ का दबाव बढ़ गया है।

अफवाहों से बढ़ी गैस सिलेंडर की मांग

दरअसल इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष की खबरों ने लोगों के मन में ऊर्जा संकट की आशंका पैदा कर दी है। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर फैल रही अफवाहों के कारण लोगों में यह डर बैठ गया है कि आने वाले दिनों में गैस, पेट्रोल और डीजल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से कई जिलों में उपभोक्ता गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लाइन में लगकर सिलेंडर लेने की कोशिश कर रहे हैं। कई जगहों पर अचानक मांग बढ़ जाने से एजेंसियों पर भारी भीड़ देखने को मिल रही है और लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।

गोंडा में सुबह से लग रही लंबी कतारें

गोंडा जिले में हालात ऐसे बन गए हैं कि लोग सुबह-सुबह ही गैस एजेंसियों के बाहर पहुंचकर लाइन में लग जा रहे हैं। धानेपुर नगर पंचायत की ज्योति गैस एजेंसी और इटियाथोक की शिवम गैस एजेंसी पर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। कई लोग घंटों इंतजार करने के बाद भी गैस सिलेंडर नहीं ले पा रहे हैं। कुछ जगहों पर गैस खत्म हो जाने के कारण लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा है। वहीं कुछ एजेंसियों पर केवल ऑनलाइन बुकिंग और OTP की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सिलेंडर दिया जा रहा है। लंबी कतार में खड़े लोग थकने के बाद आसपास के ढाबों और चाय की दुकानों पर जाकर थोड़ा आराम कर फिर से लाइन में लग रहे हैं, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ती जा रही है।

उन्नाव, संभल और मुजफ्फरनगर में भी भीड़

गोंडा के अलावा उन्नाव, संभल और मुजफ्फरनगर में भी गैस एजेंसियों के बाहर भीड़ देखने को मिल रही है। उन्नाव के कई ग्रामीण इलाकों में लोगों का कहना है कि पहले गैस डिस्ट्रीब्यूटर गांवों तक सिलेंडर पहुंचाते थे, लेकिन अब कई जगह गैस उपलब्ध न होने की बात कहकर उपभोक्ताओं को एजेंसी पर बुलाया जा रहा है। कई लोगों को कई दिनों तक एजेंसी के चक्कर लगाने के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। वहीं संभल में ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक लोगों में युद्ध को लेकर चिंता जरूर है, लेकिन गैस और पेट्रोल का स्टॉक सामान्य बताया जा रहा है। इसके बावजूद एहतियात के तौर पर लोग पहले से सिलेंडर लेने की कोशिश कर रहे हैं।

वाराणसी में कमर्शियल सिलेंडर की किल्लत

वाराणसी में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी का असर मिठाई और खान-पान के कारोबार पर भी पड़ने लगा है। सिगरा इलाके के कई दुकानदारों का कहना है कि कमर्शियल सिलेंडर आसानी से उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। कुछ व्यापारियों का दावा है कि उन्हें कमर्शियल सिलेंडर ब्लैक में 500 रुपये तक अतिरिक्त कीमत देकर लेना पड़ रहा है। गैस महंगी होने और उपलब्धता कम होने के कारण कई दुकानदार अपने काम करने के तरीके बदल रहे हैं और गैस की खपत कम करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि कारोबार प्रभावित न हो।

पेट्रोलियम मंत्रालय ने क्या कहा?

इस बीच भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इस पूरे मामले पर सफाई देते हुए कहा है कि देश में घरेलू LPG की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और इसे प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जा रहा है। मंत्रालय ने तेल रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, ताकि बाजार में किसी तरह की कमी न हो। साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए सिलेंडर की इंटर-बुकिंग अवधि 25 दिन कर दी गई है। सरकार का कहना है कि देश में गैस और ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। मंत्रालय ने आम जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से गैस की जमाखोरी से बचें, ताकि सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध हो सके।

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