ईरान में जारी हिंसक प्रदर्शनों के बीच अमेरिका और ईरान के रिश्तों में एक बार फिर तीखी बयानबाज़ी देखने को मिली है। अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर प्रदर्शनकारियों की हत्या जारी रही, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बेहद सख्त कदम उठा सकते हैं।
ईरान में क्यों भड़के हैं प्रदर्शन
शिया बहुल ईरान में बीते एक सप्ताह से ज्यादा समय से महंगाई, बेरोज़गारी और राष्ट्रीय मुद्रा के तेज़ी से गिरते मूल्य को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। राजधानी तेहरान के अलावा कई बड़े और छोटे शहरों में लोग सड़कों पर उतर आए हैं। हालात ऐसे हैं कि ये प्रदर्शन अब ग्रामीण इलाकों तक फैल चुके हैं।
सरकार का सख्त एक्शन और मौतें
ईरानी सरकार इन प्रदर्शनों को दबाने के लिए कड़ा रुख अपनाए हुए है। सुरक्षा बलों की कार्रवाई में अब तक 35 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों की मौत की खबर है। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग और हिंसक झड़पों की पुष्टि हुई है, जिसके चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ गई है।
लिंडसे ग्राहम की खुली धमकी
इसी बीच अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने एक टीवी इंटरव्यू के दौरान ईरान के शीर्ष नेतृत्व को सीधी चेतावनी दी। उन्होंने कहा- “अगर आप उन लोगों को मारते रहेंगे जो बेहतर जिंदगी की मांग कर रहे हैं, तो डोनाल्ड ट्रंप आपको मार देंगे।”
ग्राहम ने यह भी कहा कि तेहरान के नेताओं को ट्रंप को हल्के में नहीं लेना चाहिए और अमेरिका इस तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं करेगा।
वेनेजुएला का उदाहरण देकर चेतावनी
लिंडसे ग्राहम ने ईरानी शासन को चेताते हुए वेनेजुएला का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह वहां हालात बिगड़ने पर अंतरराष्ट्रीय दबाव और कार्रवाई हुई, उसी तरह ईरान में भी अगर दमन जारी रहा तो अमेरिका जवाबी कदम उठाने को मजबूर होगा।
अमेरिका क्यों कर रहा है सख्त बयानबाज़ी
अमेरिका का आरोप है कि ईरान सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक बल प्रयोग कर रही है। ग्राहम के मुताबिक, इस तरह की कार्रवाई न सिर्फ मानवाधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि इससे क्षेत्रीय स्थिरता भी खतरे में पड़ सकती है।
सड़कों पर ‘खामेनेई मुर्दाबाद’ के नारे
ईरान के पश्चिमी शहर अब्दानन से सामने आए एक वायरल वीडियो ने दुनिया का ध्यान खींचा है। वीडियो में बड़ी संख्या में लोग मार्च करते हुए “खामेनेई मुर्दाबाद” के नारे लगाते दिखे। ईरान जैसे देश में सुप्रीम लीडर के खिलाफ इस तरह के नारे लगना बेहद असाधारण माना जा रहा है।
आगे क्या बढ़ेगा टकराव?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईरान में हिंसा यूं ही जारी रही, तो अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ सकता है। लिंडसे ग्राहम का बयान संकेत देता है कि वॉशिंगटन इस मुद्दे पर अब नरमी के मूड में नहीं है, और आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।




