भारत में इनकम टैक्स नियमों में एक अहम बदलाव प्रस्तावित है, जिसका असर आम लोगों की डिजिटल प्राइवेसी पर पड़ सकता है।
भारत में टैक्स कानूनों को डिजिटल दौर के मुताबिक अपडेट किया जा रहा है। 1 अप्रैल 2026 से Income Tax Department को यह अधिकार मिलने वाला है कि वह टैक्स चोरी की जांच के दौरान सिर्फ घर, कैश और गहनों तक सीमित न रहे, बल्कि नागरिकों की डिजिटल गतिविधियों तक भी पहुंच बना सके। यानी पहली बार टैक्स जांच औपचारिक रूप से ऑनलाइन दुनिया तक जाएगी।
अब सिर्फ कैश-ज्वेलरी नहीं, डिजिटल स्पेस भी जांच के दायरे में
अब तक छापेमारी के दौरान अधिकारियों को प्रॉपर्टी, नकदी, दस्तावेज और गहनों जैसी भौतिक चीजों की जांच की अनुमति थी। नए प्रस्तावों के तहत यह दायरा बढ़ेगा और वर्चुअल डिजिटल स्पेस भी जांच में शामिल होगा।
इस डिजिटल स्पेस में—
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ईमेल अकाउंट्स
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क्लाउड स्टोरेज
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डिजिटल वॉलेट
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ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म
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सोशल मीडिया प्रोफाइल और चैट्स
जैसे कई ऑनलाइन अकाउंट्स शामिल होंगे। मतलब, Gmail से लेकर सोशल मीडिया DMs तक टैक्स जांच के दायरे में आ सकती हैं।
सरकार यह बदलाव क्यों ला रही है?
सरकार का तर्क है कि आज ज्यादातर लेन-देन ऑनलाइन हो चुका है—बैंकिंग, निवेश, ट्रेडिंग और यहां तक कि क्रिप्टो एसेट्स भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हैं। ऐसे में केवल फिजिकल तलाशी से टैक्स चोरी पकड़ना मुश्किल होता जा रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक, किसी व्यक्ति की असली वित्तीय तस्वीर उसकी डिजिटल फुटप्रिंट में छिपी होती है। डिजिटल डेटा तक पहुंच से टैक्स चोरी के मामलों की पहचान ज्यादा सटीक तरीके से हो सकेगी।
क्या किसी का भी डेटा कभी भी चेक किया जा सकेगा?
सबसे बड़ा सवाल प्राइवेसी को लेकर है। सरकार ने साफ किया है कि टैक्स अधिकारी मनमर्जी से किसी का डिजिटल डेटा एक्सेस नहीं कर पाएंगे। जैसे फिजिकल रेड के लिए ठोस वजह (reason to believe) जरूरी होती है, वैसी ही शर्त डिजिटल अकाउंट्स पर भी लागू रहेगी।
यानि जब तक किसी व्यक्ति के खिलाफ आय या लेन-देन में गड़बड़ी का पुख्ता आधार नहीं होगा, तब तक उसके ईमेल, सोशल मीडिया या अन्य ऑनलाइन अकाउंट्स नहीं खोले जाएंगे।
टैक्सपेयर्स के लिए इसका मतलब क्या?
आने वाले समय में टैक्स सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ेगी। साथ ही लोगों को अपनी डिजिटल गतिविधियों और ऑनलाइन लेन-देन को लेकर ज्यादा सतर्क रहना होगा।
अगर आपकी आय और ट्रांजैक्शन सही तरीके से घोषित हैं और रिकॉर्ड साफ है, तो चिंता की कोई बात नहीं है।




