World News: अमेरिका के उत्तरी कैरोलिना में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई जब एक डेल्टा एयरलाइंस के बोइंग विमान का पंख का टुकड़ा (विंग फ्लैप) हवा में उड़ते समय टूटकर नीचे एक रिहायशी इलाके की सड़क पर जा गिरा। सौभाग्य से, इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ और विमान ने रैले-डरहम इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग कर ली।
यह घटना सितंबर महीने की है, जब बोइंग 737 विमान ने अटलांटा से रैले-डरहम के लिए उड़ान भरी थी। विमान में उस समय 109 यात्री और 6 क्रू मेंबर सवार थे। उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद बाएं पंख के पीछे लगा एक फ्लैप टूटकर हवा में बिखर गया और जमीन पर एक ड्राइववे के पास एक कार से कुछ गज की दूरी पर गिरा।
फ्लैप एक लोहे की भारी और धारदार संरचना होती है, जिसका इस्तेमाल विमान को धीमा करने और नियंत्रण बनाए रखने के लिए किया जाता है। नासा के अनुसार, फ्लैप का इस्तेमाल टेकऑफ और लैंडिंग दोनों के दौरान बेहद महत्वपूर्ण होता है।
पायलट को नहीं चला अंदाज़ा, लैंडिंग के बाद हुआ खुलासा
चौंकाने वाली बात यह रही कि इस गंभीर तकनीकी खराबी की जानकारी पायलट और क्रू को लैंडिंग के बाद ही मिली। रात करीब 1:15 बजे विमान की सुरक्षित लैंडिंग हुई। जांच में पाया गया कि फ्लैप विंग से अलग हो गया था, लेकिन इसके बावजूद पायलट ने बेहद सतर्कता और अनुभव के साथ विमान को सफलतापूर्वक लैंड कराया।
रिहायशी इलाके में गिरा टुकड़ा, टली बड़ी दुर्घटना
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, यह धातु का भारी टुकड़ा एक रिहायशी इलाके की सड़क पर गिरा। अगर यह किसी चलते हुए वाहन या व्यक्ति पर गिरता, तो जानमाल का बड़ा नुकसान हो सकता था। इसे गाजर-मूली की तरह काटने वाला टुकड़ा बताया गया है, जो गिरने पर एक कार के बेहद पास जाकर रुका।
जांच शुरू, डेल्टा और FAA ले रहे हैं मामला गंभीरता से
डेल्टा एयरलाइंस के प्रवक्ता ने बताया कि वे इस घटना की जांच में FAA (Federal Aviation Administration) के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं। एयरलाइंस अब विंग फ्लैप को खोजने और जांच के लिए सुरक्षित करने का प्रयास कर रही है।
प्रवक्ता ने कहा:
“यात्रियों की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है। हम इस मामले की पूरी गंभीरता से जांच कर रहे हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हरसंभव कदम उठाएंगे।”
फ्लैप क्या होता है और कितना जरूरी है?
विंग फ्लैप विमान के पंख के पीछे की तरफ लगा होता है, जो टेकऑफ और लैंडिंग के समय लिफ्ट और ड्रैग को नियंत्रित करता है। यह विमान की गति कम करने और ऊंचाई बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, यदि फ्लैप का टुकड़ा अलग हो जाए और बाकी सिस्टम ठीक काम कर रहा हो, तो विमान को सावधानीपूर्वक लैंड कराया जा सकता है, लेकिन यह स्थिति बहुत जोखिमभरी मानी जाती है।
सौभाग्य से बच गई जानें, पर उठे सवाल
यह घटना भले ही किसी बड़े हादसे में नहीं बदली, लेकिन इससे यह स्पष्ट होता है कि विमान की सुरक्षा को लेकर कोई चूक कितनी भारी पड़ सकती है।
जहां एक तरफ पायलट की सतर्कता और तकनीकी स्टाफ की निगरानी ने 109 यात्रियों की जान बचाई, वहीं दूसरी ओर यह घटना बोइंग विमानों की गुणवत्ता और रखरखाव पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है।




