देहरादून, 23 मार्च 2021

देहरादून में भिक्षावृत्ति के खिलाफ चलाए जा रहे पुलिस के अभियान में करीब डेढ़ हजार बच्चे चिह्नित किए गए हैं। इनमें से लगभग 750 बच्चों का पुलिस विभिन्न स्कूलों में दाखिला कराएगी। ताकि, इन बच्चों को मुख्यधारा में लाया जा सके। पुलिस का यह अभियान एक मार्च को शुरू हुआ था, जो 30 अप्रैल तक जारी रहेगा।

डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि अभियान का उद्देश्य सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं के साथ इंटीग्रेटेड ड्राइव चलाकर प्रभावी इंफोर्समेंट के माध्यम से बच्चों द्वारा की जा रही भिक्षावृत्ति की प्रभावी रोकथाम करना है।

बताया है कि भिक्षा नहीं देने के संबंध में जनता को जागरूक करना और  भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित करना व उनके पुनर्वास के लिए कार्रवाई की जानी है। इसके तहत देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल में चार टीमों का गठन किया गया है।

15 मार्च तक इन जिलों में यह रही स्थिति
जिला-          सत्यापित बच्चे       स्कूल एडमिशन के लिए चिन्हित
देहरादून-           480                    123
हरिद्वार-            263                     153
ऊधमसिंहनगर-  249                     182
नैनीताल-          167                        50
चंपावत-           162                       162
पौड़ी-               53                         53
जीआरपी-         18                         02
उत्तरकाशी-       09                         00
अल्मोड़ा-          08                          08
चमोली-            06                         00
पिथौरागढ़-        02                         02
बागेश्वर-           01                          00
टिहरी-            00                           00
रुद्रप्रयाग-        00                           00
संशोधित

स्कूल खुलने के दिन से जमा करानी होगी पूरी फीस
प्रदेश में कोविड 19 की वजह से बंद स्कूलों की कुछ कक्षाओं के भौतिक रूप से शुरू होने की तिथि से अभिभावकों को पूरी फीस जमा करानी होगी। जबकि लॉकडाउन की अवधि की मात्र ट्यूशन फीस जमा कराई जाएगी। शासन ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।

शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम की ओर से शिक्षा महानिदेशक को जारी आदेश में कहा गया है कि शासन ने कक्षा छह से आठ एवं 9 से 11 की कक्षाओं को आठ फरवरी 2021 से खोलने की अनुमति कुछ शर्तों के साथ दी थी। ऐसे में इन कक्षाओं के भौतिक रूप से शुरू होने की तिथि से पूरी फीस जमा करनी होगी।

जबकि लॉकडाउन की अवधि की मात्र ट्यूशन फीस जमा कराई जाएगी। वहीं, 10वीं और 12वीं की कक्षाएं पहले से भौतिक रूप से चल रही हैं, इसलिए उनके छात्रों से भी पूरी फीस ली जाएगी। आदेश में कहा गया है कि अभिभावकों के अनुरोध पर फीस को किस्तों में जमा कराने के संबंध में शिक्षण संस्थाओं की ओर से खुद सहानुभूतिपूर्वक सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। कहा गया है कि अन्य कक्षाओं के लिए मात्र ऑनलाइन शिक्षण की ही अनुमति प्रदान की गई है। ऐसे में अभिभावकों से मात्र शिक्षण शुल्क ही लिया जाए।