चमोली ग्लेशियर हादसा: 4 मजदूरों की मौत, 50 को सेना ने बचाया, खराब मौसम के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

चमोली ग्लेशियर हादसा: 4 मजदूरों की मौत, 50 को सेना ने बचाया, खराब मौसम के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

उत्तराखंड के चमोली जिले के माणा गांव में शुक्रवार को बड़ा हादसा हो गया, जब सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) कैंप पर ग्लेशियर टूटने से 55 मजदूर फंस गए। इस आपदा में अब तक चार मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि भारतीय सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की टीमों ने 50 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। बचाव कार्य अभी भी जारी है, और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की चार टीमें मौके पर तैनात हैं, जबकि चार अन्य टीमें स्टैंडबाय पर रखी गई हैं।

मौसम बना बाधा, लेकिन राहत कार्य जारी
शुक्रवार को भारी बर्फबारी और बारिश के कारण बचाव कार्य प्रभावित हुआ, लेकिन शनिवार को मौसम साफ होते ही हेलीकॉप्टर अभियान में शामिल हो गए। भारतीय सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियां मिलकर राहत कार्यों को अंजाम दे रही हैं। सेना के विशेष रेको रडार, यूएवी, क्वाडकॉप्टर और हिमस्खलन बचाव कुत्तों को भी बचाव अभियान में लगाया गया है।

वरिष्ठ अधिकारियों ने की हालात की समीक्षा
भारतीय सेना के पीआरओ लेफ्टिनेंट कर्नल मनीष श्रीवास्तव ने चार मजदूरों की मौत की पुष्टि की है। वहीं, मध्य कमान के जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता और उत्तर भारत क्षेत्र के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल डीजी मिश्रा ने हिमस्खलन स्थल का दौरा कर बचाव कार्यों की निगरानी की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया और अधिकारियों को राहत अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मुख्यमंत्री से बात कर हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।

हेलीकॉप्टर और डॉक्टर भी कर रहे मदद
भारतीय सेना के हेलीकॉप्टरों के जरिये अब तक 19 घायलों को माना से जोशीमठ पहुंचाया गया है। मौके पर मौजूद सेना के डॉक्टरों ने गंभीर रूप से घायल लोगों की जीवन रक्षक सर्जरी भी की। जोशीमठ हेलीपैड से भारतीय सेना विमानन और वायु सेना के आठ हेलीकॉप्टर लगातार घायलों को निकालने और आवश्यक उपकरण पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं।

बचाव अभियान तेज, सेना ने दिया आश्वासन
सेना के अधिकारियों का कहना है कि राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है और सभी संसाधन जुटाए गए हैं। भारतीय सेना, आईटीबीपी और अन्य एजेंसियों का समन्वय इस ऑपरेशन को सफल बनाने में मदद कर रहा है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एन. के. जोशी ने बताया कि माणा में सेना और आईटीबीपी के जवान पूरी मुस्तैदी से बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। खराब मौसम के बावजूद बचाव दलों का प्रयास जारी है ताकि सभी को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

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