नई दिल्ली, 12 अप्रैल 2021

पिछले साल लॉकडाउन के दौरान निजामुद्दीन स्थित तबलीगी मरकज में जो कोरोना विस्फोट हुआ था, उसके बाद से मरकज को बंद रखा हुआ था। हालांकि हाल में ही शब-ए-बारात के मौके पर मरकज को खोला गया था, लेकिन फिर से बंद कर दिया गया था। इस बीच अब रमजान के महीने को देखते हुए मरकज को फिर से खोले जाने की मांग हुई है और इसको लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई, जिस पर कोर्ट ने कहा है कि मरकज को चालू किया जा सकता है, लेकिन दिल्ली आपदा प्रबंधन अथॉरिटी इस पर आखिरी फैसला ले। आपको बता दें कि रमजान का महीने 14 अप्रैल से शुरू हो रहा है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि मरकज को खोलने का फैसला दिल्ली आपदा प्रबंधन अथॉरिटी की गाइडलाइन के तहत लिया जाए। साथ ही कोर्ट ने कहा है कि नमाज अदा करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पर कोई पाबंदी लगाना ठीक नहीं है, क्योंकि किसी अन्य धार्मिक स्थान पर भी इस तरह के प्रतिबंध लागू नहीं है। इस दौरान कोर्ट ने दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार की इस मांग को खारिज कर दिया कि मरकज में 20 लोगों को एक साथ नमाज अदा करने की अनुमति दी जाए।

200 व्यक्तियों की लिस्ट का फॉर्मूला सही नहीं- हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकर्ट के जज जस्टिस मुक्ता गुप्ता ने अपने आदेश में कहा, “मरकज एक ओपन प्लेस है, इसलिए यहां पर श्रद्धालुओं की संख्या को निश्चित करनी ठीक नहीं है और वो भी इसलिए कि अन्य किसी धार्मिक स्थल पर इस तरह की पाबंदी नहीं है, कोई भी व्यक्ति जो किसी मंदिर, मस्जिद या चर्च में जाना चाहता है और 200 व्यक्ति की लिस्ट में वो शामिल रहे, इसको तय नहीं कर सकता, इसलिए 200 व्यक्तियों की लिस्ट को स्वीकार नहीं किया जा सकता।