वाराणसी में BJP पार्षद के बेटे की दबंगई! चौकी इंचार्ज को पीटा, जान बचाकर भागे दरोगा,जानिए पूरा मामला

वाराणसी में नए साल के दौरान घटी एक घटना ने पुलिस की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि सत्ता के रौब में चूर एक भारतीय जनता पार्टी पार्षद के बेटे ने ड्यूटी पर तैनात चौकी प्रभारी पर हमला कर दिया। ब्रह्मनाल चौकी प्रभारी अभिषेक त्रिपाठी को एक के बाद एक कई थप्पड़ मारे गए, वहीं आरोपी के साथ मौजूद युवकों ने भी दरोगा के साथ मारपीट की। अचानक हुए हमले से इलाके में अफरातफरी मच गई और दरोगा को जान बचाने के लिए पीछे हटना पड़ा।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए हमलावर युवक को मौके पर ही पकड़ लिया। चौकी प्रभारी ने लोगों की मदद से आरोपी को काबू में किया और तत्काल चौक थाने को सूचना दी, जिसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पकड़े गए युवक की पहचान हिमांशु श्रीवास्तव के रूप में हुई है, जो हुकुलगंज वार्ड नंबर–11 के बीजेपी पार्षद का बेटा बताया जा रहा है।

क्या है पूरा मामला?

नए साल के मौके पर वाराणसी में भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। काशी विश्वनाथ मंदिर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा कारणों से रूट डायवर्जन लागू था। ब्रह्मनाल चौकी प्रभारी अकेले ही भीड़ और यातायात व्यवस्था संभाल रहे थे। इसी दौरान बाइक पर सवार हिमांशु श्रीवास्तव अपने दो दोस्तों के साथ सतुआ बाबा आश्रम की ओर जाने की जिद करने लगा।

चौकी प्रभारी ने समझाया कि क्षेत्र में अत्यधिक भीड़ है और फिलहाल उस रास्ते से आवागमन संभव नहीं है। इस पर युवक ने खुद को बीजेपी नेता का बेटा बताते हुए दबाव बनाने की कोशिश की। जब पुलिस अधिकारी ने नियमों का हवाला देते हुए अनुमति देने से इनकार किया, तो युवक तैश में आ गया और गाली-गलौज करते हुए दरोगा पर थप्पड़ों की बौछार कर दी। उसके साथ मौजूद दोस्तों ने भी दरोगा पर हमला कर दिया।

गिरफ्तारी और कार्रवाई

अचानक हमले से घबराए दरोगा को पीछे हटना पड़ा, लेकिन स्थानीय लोगों की मदद से मुख्य आरोपी को पकड़ लिया गया, जबकि उसके दोनों साथी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने हिमांशु श्रीवास्तव को बीएनएस की धारा 115(2), 352, 451(2), 132 और धारा 7 के तहत गिरफ्तार किया है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

पार्षद का पक्ष

इस पूरे मामले में बीजेपी पार्षद बृजेश चंद श्रीवास्तव ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उनका बेटा किसी अपराध के इरादे से नहीं, बल्कि क्षेत्र के एक सम्मानित व्यक्ति के पिता के निधन पर मिट्टी में शामिल होने घाट जा रहा था। पार्षद का दावा है कि पुलिस ने उनके बेटे को जबरन चौक थाने में बैठा लिया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

Share post:

Popular

More like this
Related