
वाराणसी, 16 मार्च 2021
रिलांयस फाउंडेशन की अध्यक्ष और रिलांयस इंडस्ट्रीज की कार्यकारी निदेशक नीता अंबानी को विजिटिंग प्रोफेसर बनाने को लेकर बीएचयू के छात्र धरने पर बैठ गए हैं। छात्रों की मांग है कि यह प्रस्ताव रद्द किया जाए। मंगलवार को छात्रों ने कुलपति आवास का घेराव किया। छात्रों ने आरोप लगाया कि काशी हिंदू विश्वविद्यालय के लोग सरकार के इशारे पर पूंजीपतियों के हाथ में इस विश्वविद्यालय को सौंपने का षड्यंत्र कर रहे हैं, लेकिन ऐसा होने नहीं दिया जाएगा। छात्रों का कहना है कि जब तक यह प्रस्ताव रद्द नहीं किया जाता तब तक वह इस मामले के विरोध में आवाज बुलंद करते रहेंगे।
दरअसल, नीता अंबानी को बीएचयू के महिला अध्ययन और विकास केंद्र में विजिटिंग प्रोफेसर बनाने का प्रस्ताव भी भेजा गया है। इस प्रस्ताव पर पूर्व में ही उनकी मौखिक सहमति की वजह से प्रस्ताव तैयार करके आगे बढ़ा भी दिया गया था। बीएचयू के सामाजिक विज्ञान संकाय की ओर से 12 मार्च को यह प्रस्ताव दिया गया था। उन्हें काशी सहित पूर्वांचल भर में महिलाओं का जीवनस्तर सुधारने के लिए बीएचयू में शिक्षण प्रशिक्षण से जुड़ने का आग्रह किया गया था। यूनिवर्सिटी के छात्र अब इसका विरोध कर रहे हैं। मंगलवार को छात्र धरने पर बैठ गए। बीएचयू के कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन समेत उच्चाधिकारियों को वीसी लाज बुलाया है, जहां इस पर बैठक चली। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही छात्रों को इस बैठक के निष्कर्षों से छात्रों अवगत कराया जाएगा।
उधर, इस मामले में बीएचयू के सामाजिक विज्ञान संकाय प्रमुख ने एक विवादित बयान दे दिया। उन्होंने छात्रों के समर्थन में कहा कि अंबानी-संबानी को हम यहां (जमीन की ओर इशारा करते हुए) रखते हैं। सामाजिक विज्ञान संकाय प्रमुख के इस बयान का वीडियो छात्रों ने सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया, जो बाद में वायरल हो गया। छात्रों को समझाते हुए प्रो. मिश्रा ने कहा कि आपकी बात हम कुलपति तक पहुंचाएंगे।







