टी20 वर्ल्ड कप 2026 में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। पांच बार की वर्ल्ड चैंपियन रह चुकी ऑस्ट्रेलिया की टीम इस बार ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई है। आयरलैंड और जिम्बाब्वे के बीच खेला गया मुकाबला बारिश के कारण रद्द होते ही ऑस्ट्रेलिया की उम्मीदों पर पूरी तरह पानी फिर गया। इस नतीजे के साथ जिम्बाब्वे ने पहली बार सुपर 8 में जगह बना ली और ऑस्ट्रेलिया का टूर्नामेंट सफर यहीं खत्म हो गया।
बारिश ने बदली किस्मत, ऑस्ट्रेलिया का सफर समाप्त
ग्रुप चरण में समीकरण बेहद दिलचस्प हो गए थे। ऑस्ट्रेलिया ने अपने पहले मैच में आयरलैंड को हराकर अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन इसके बाद टीम की लय बिगड़ गई। जिम्बाब्वे के खिलाफ उसे 23 रनों से हार का सामना करना पड़ा और फिर श्रीलंका ने 8 विकेट से करारी शिकस्त दी। इन दो लगातार हारों ने ऑस्ट्रेलिया को अंक तालिका में पीछे धकेल दिया। जब आयरलैंड और जिम्बाब्वे का मैच बारिश के चलते रद्द हुआ, तो दोनों टीमों को एक-एक अंक मिला। इससे जिम्बाब्वे के 3 मैचों में 5 अंक हो गए, जबकि ऑस्ट्रेलिया अधिकतम 4 अंकों तक ही पहुंच सकता था। यहीं से तय हो गया कि ऑस्ट्रेलिया सुपर 8 में नहीं पहुंच पाएगा।
बड़े नाम, लेकिन प्रदर्शन फीका
ऑस्ट्रेलिया की टीम में कई बड़े और अनुभवी खिलाड़ी मौजूद थे। हालांकि, टीम को अपने प्रमुख तेज गेंदबाजों Pat Cummins और Josh Hazlewood की कमी खली, जो चोट के कारण इस टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं थे। फिर भी, टीम के पास पर्याप्त अनुभव और संतुलन था। समस्या बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में दिखी। जिम्बाब्वे के खिलाफ लक्ष्य का पीछा करते समय बल्लेबाज दबाव में बिखर गए, जबकि श्रीलंका के खिलाफ गेंदबाज विकेट निकालने में नाकाम रहे। फील्डिंग में भी टीम ने कुछ अहम मौके गंवाए, जिसने मैच का रुख बदल दिया।
जिम्बाब्वे का ऐतिहासिक कारनामा
जिम्बाब्वे के लिए यह टूर्नामेंट यादगार बन गया है। पहली बार टीम टी20 वर्ल्ड कप के सुपर 8 चरण में पहुंची है। यह उनके क्रिकेट इतिहास का बड़ा अध्याय है, क्योंकि इससे पहले वे कभी भी टॉप 8 में जगह नहीं बना पाए थे। जिम्बाब्वे ने पूरे टूर्नामेंट में अनुशासित गेंदबाजी और साहसी बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम को हराना उनके आत्मविश्वास का प्रमाण है। अब सुपर 8 में उनका मुकाबला 26 फरवरी को भारत से होगा, जो क्रिकेट प्रेमियों के लिए बेहद रोमांचक रहने वाला है।
17 साल बाद ऑस्ट्रेलिया के लिए निराशा
ऑस्ट्रेलिया के लिए यह हार सिर्फ एक टूर्नामेंट से बाहर होना नहीं है, बल्कि प्रतिष्ठा पर भी आघात है। 17 साल बाद ऐसा हुआ है जब टीम टी20 वर्ल्ड कप के पहले ही दौर से बाहर हुई है। इससे पहले 2009 में ऑस्ट्रेलिया ग्रुप स्टेज से बाहर हुआ था। पिछले कुछ संस्करणों पर नजर डालें तो 2021 में ऑस्ट्रेलिया ने खिताब जीता था, लेकिन उसके बाद टीम का ग्राफ लगातार गिरा है। 2022 में सुपर 12 से बाहर होना पड़ा, 2024 में सुपर 8 में सफर खत्म हुआ और अब 2026 में ग्रुप स्टेज से ही विदाई हो गई।
ऑस्ट्रेलिया को अब अपनी टी20 रणनीति पर गंभीरता से विचार करना होगा। टीम संयोजन, युवा खिलाड़ियों को मौका, और डेथ ओवर गेंदबाजी जैसे पहलुओं पर पुनर्विचार जरूरी है। दूसरी ओर, जिम्बाब्वे के लिए यह आत्मविश्वास बढ़ाने वाला क्षण है। भारत के खिलाफ उनका मुकाबला इस बात की परीक्षा होगा कि क्या वे इस लय को आगे भी बरकरार रख पाते हैं। टी20 वर्ल्ड कप 2026 ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है। जहां कोई भी टीम किसी को भी चौंका सकती है। इस बार चौंकाने की बारी जिम्बाब्वे की थी, और कीमत चुकानी पड़ी ऑस्ट्रेलिया को।




