नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने रविवार को पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव कार्यक्रम की जानकारी दी. इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में मतदान अप्रैल महीने में होगा, जबकि मतगणना 4 मई को एक साथ कराई जाएगी.
चुनाव आयोग के मुताबिक इन पांचों क्षेत्रों में कुल 17.4 करोड़ मतदाता हैं और यहां 824 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव होंगे. आयोग ने बताया कि वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर संशोधन का काम पहले ही पूरा हो चुका है और अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है.
पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान
पश्चिम बंगाल में विधानसभा की 294 सीटें हैं. यहां चुनाव दो चरणों में कराए जाएंगे.
पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होगा, जिसमें 152 सीटों पर वोट डाले जाएंगे.
दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा, जिसमें 142 सीटों पर मतदान होगा.
मतगणना 4 मई को होगी.
राज्य में मुख्य मुकाबला सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच माना जा रहा है. ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी 2011 से राज्य की सत्ता में है.
असम में 9 अप्रैल को मतदान
असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए एक ही चरण में 9 अप्रैल को मतदान कराया जाएगा. यहां मुकाबला मुख्य रूप से बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए और कांग्रेस के बीच है.
असम में भी मतगणना 4 मई को होगी.
केरल में 9 अप्रैल को वोटिंग
केरल की 140 विधानसभा सीटों के लिए मतदान 9 अप्रैल को एक ही चरण में कराया जाएगा.
यहां मुख्य मुकाबला लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के बीच है.
वहीं बीजेपी के नेतृत्व वाला नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) भी चुनावी मैदान में है.
राज्य में मतगणना 4 मई को होगी.
तमिलनाडु में 23 अप्रैल को मतदान
तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों के लिए 23 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा.
राज्य में राजनीतिक दलों के बीच गठबंधन और सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत जारी है.
यहां भी चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे.
पुडुचेरी में 9 अप्रैल को वोटिंग
केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की 30 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को मतदान होगा.
यहां कांग्रेस DMK और CPI के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रही है.
वहीं विपक्ष में ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस, बीजेपी और एआईएडीएमके का गठबंधन है.
यहां भी मतगणना 4 मई को होगी.
कई राज्यों में उपचुनाव भी
इन चुनावों के साथ ही कई राज्यों में खाली पड़ी विधानसभा सीटों पर उपचुनाव भी कराए जाएंगे.
गोवा, कर्नाटक, नागालैंड और त्रिपुरा में 9 अप्रैल को उपचुनाव होंगे.
जबकि महाराष्ट्र और गुजरात में 23 अप्रैल को मतदान कराया जाएगा.
चुनाव आयोग ने तैयारियों की समीक्षा की
चुनाव आयोग ने बताया कि हाल ही में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों का दौरा कर चुनावी तैयारियों की समीक्षा की थी.
आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 324 और रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट 1951 के तहत केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है, ताकि पूरे चुनाव प्रक्रिया की निगरानी की जा सके और स्वतंत्र व निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित किया जा सके.




