उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़ा एक बड़ा पारिवारिक विवाद इन दिनों चर्चा में है। समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव ने अपनी पत्नी अपर्णा यादव से तलाक़ लेने की घोषणा की है। प्रतीक यादव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के ज़रिए अपर्णा यादव पर कई गंभीर आरोप लगाए, जिसके बाद यह मामला राजनीतिक और सामाजिक दोनों ही स्तरों पर सुर्खियों में आ गया। हालांकि, इस पूरे विवाद पर अब तक अपर्णा यादव की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
क्या है पूरा मामला?
प्रतीक यादव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में अपर्णा यादव को स्वार्थी बताते हुए उन पर परिवार तोड़ने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अपर्णा सिर्फ़ सुर्खियों में रहने और प्रसिद्धि पाने की चाहत रखती हैं। इस बयान के सामने आने के बाद यादव परिवार की निजी ज़िंदगी एक बार फिर सार्वजनिक बहस का विषय बन गई है और अपर्णा यादव को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
कौन हैं अपर्णा यादव?
अपर्णा यादव, मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे प्रतीक यादव की पत्नी और यादव परिवार की छोटी बहू हैं। उनका जन्म 5 फरवरी 1990 को हुआ था। उनके पिता अरविंद सिंह बिष्ट पेशे से पत्रकार रहे हैं और समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान सूचना आयुक्त भी रह चुके हैं। उनकी मां अंबी बिष्ट लखनऊ नगर निगम में अधिकारी रही हैं। अपर्णा की पारिवारिक पृष्ठभूमि सामाजिक और प्रशासनिक दोनों ही क्षेत्रों से जुड़ी रही है।
स्कूल से शुरू हुई प्रेम कहानी
अपर्णा यादव की शुरुआती पढ़ाई लखनऊ के लोरेटो कॉन्वेंट इंटरमीडिएट कॉलेज से हुई। इसी स्कूल में प्रतीक यादव भी पढ़ते थे, जहां दोनों की पहली मुलाक़ात हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रतीक यादव ने महज़ 12 साल की उम्र में ही अपर्णा को प्रपोज़ किया था। बताया जाता है कि उन्होंने ईमेल के ज़रिए अपने दिल की बात कही, जिसके बाद दोनों के बीच दोस्ती हुई और यह रिश्ता धीरे-धीरे गहरा होता चला गया।
इंग्लैंड से पढ़ाई और कला से जुड़ाव
स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद अपर्णा यादव ने इंग्लैंड की मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल रिलेशन एंड पॉलिटिक्स में मास्टर डिग्री हासिल की। विदेश में पढ़ाई के दौरान भी उनका संपर्क प्रतीक यादव से बना रहा। इसके अलावा अपर्णा शास्त्रीय संगीत में भी प्रशिक्षित हैं और एक कुशल गायिका मानी जाती हैं। उनका झुकाव हमेशा सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों की ओर रहा है।
भव्य शादी और यादव परिवार में प्रवेश
करीब एक दशक तक चले रिश्ते के बाद साल 2011 में प्रतीक यादव और अपर्णा यादव ने शादी करने का फैसला लिया। सैफई में हुई यह शादी बेहद भव्य थी, जिसमें देश की राजनीति और फिल्मी जगत की कई नामी हस्तियां शामिल हुईं। इस शादी के साथ ही अपर्णा यादव उत्तर प्रदेश के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक परिवार का हिस्सा बन गईं। दोनों की दो बेटियां हैं।
राजनीति में अपर्णा, बिज़नेस में प्रतीक
जहां प्रतीक यादव ने राजनीति से दूरी बनाए रखी और बिज़नेस में सक्रिय रहे, वहीं अपर्णा यादव ने राजनीति में कदम रखा। समाजवादी पार्टी ने उन्हें 2017 के विधानसभा चुनाव में लखनऊ कैंट सीट से टिकट दिया, हालांकि उन्हें भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के हाथों हार का सामना करना पड़ा।
सपा से भाजपा तक का सफर
2022 के विधानसभा चुनाव से पहले अपर्णा यादव ने समाजवादी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। भाजपा में शामिल होने के बाद उन्हें सितंबर 2024 में बड़ी जिम्मेदारी दी गई और उन्हें राज्य महिला आयोग का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। इसके बाद से अपर्णा लगातार राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहीं।
अब आगे क्या?
तलाक़ की घोषणा और लगाए गए आरोपों के बाद यह देखना अहम होगा कि अपर्णा यादव इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाती हैं। फिलहाल यह विवाद केवल एक वैवाहिक मसला नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़े एक बड़े परिवार की निजी कहानी बन चुका है, जिस पर सबकी नज़रें टिकी हुई हैं।




