देहरादून, 4 अगस्त 2021

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों को लेकर बेहद संवेदनशील हैं। वे लगातार अफसरों से कार्यों का फीडबैक ले रहे हैं। उन्होंने ड्रोन के जरिए केदारनाथ में चल रहे कार्यों को परखा और अफसरों को इनमें तेजी लाने के निर्देश दिए। बुधवार को सीएम धामी ने केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा की और ड्रोन से जरिए विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह ड्रीम प्रोजेक्ट है, इसलिए सीएम धामी ने इसे अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है।

उन्होंने इस दौरान अफसरों को धाम में पुनर्निमाण कार्यों में और तेजी लाने के लिए मानव संसाधन के साथ पर्याप्त उपकरणों की व्यवस्था के भी निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने केदारनाथ में चल रहे कार्यों का जायजा लेने के लिए दो बार मौके पर जाने की कोशिश भी की, लेकिन मौसम खराबी के चलते उनके ये दोनों कार्यक्रम टल गए थे। बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु, अपर सचिव युगल किशोर पंत एवं वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग मनुज गोयल भी शामिल हुए।

मोदी के मार्गदर्शन में हो रहे हैं कार्य:सीएम धामी ने कहा कि श्री केदारनाथ श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। पीएम मोदी मार्गदर्शन में मास्टर प्लान के अनुरूप श्री केदारनाथ को भव्य बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि धाम के मार्ग से लेकर वहां अन्य सभी बुनियादी सुविधाएं जुटाने पर फोकस किया जा रहा है। विदित है को पीएम मोदी अब तक केदारनाथ धाम चार बार आ चुके हैं।

अफसरों से कार्यों का लेते हैं फीडबैक:भव्य केदारपुरी के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री धामी कृतसंकल्प हैं। वे लगातार प्रोजेक्ट की मानिटरिंग कर रहे हैं। वे नियमित तौर पर अफसरों से वहां संचालित हो रहे कार्यों का फीडबैक ले रहे हैं। सीएम ने अफसरों को आदिगुरू शंकराचार्य की समाधि स्थल एवं मंदाकिनी नदी पर बन रहे ब्रिज के निर्माण कार्य को जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। कहा कि आने वाले दो-तीन माह में श्री केदारनाथ में कार्य करने के लिए अच्छा समय है, इस दौरान मैन पावर बढ़ा कर तेजी से कार्य किए जाएं।

दूसरे चरण के कार्य को 116 करोड़ मंजूर: मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने धाम में दूसरे चरण के लिए जो कार्य स्वीकृत हो चुके हैं, उनमें भी तेजी लाई जाए। दूसरे चरण में 116 करोड़ के काम मंजूर हो चुके हैं। इनमें आठ पर निर्माण कार्य भी शुरू हो चुके हैं। इनमें संगम घाट का नव निर्माण, आस्था पथ में रेन शेटलर, वाटर एटीएम, कमांड एण्ड कंट्रोल रूम, हॉस्पिटल बिल्डिंग, मंदाकिनी नदी पर आस्था पथ, संगम घाट, फस्ट एड टूरिस्ट फेमिलेयर सेंटर,वाटर एटीमए, म्यूजियम,अस्पताल, तीर्थपुरोहितों के लिए भवन आदि शामिल हैं।

ये काम हो चुके हैं पूरे:अफसरों ने बताया कि पुनर्निर्माण तहत प्रथम चरण के कार्य लगभग पूर्ण हो चुके हैं। इनमें शंकराचार्य सामधि, सर्कुलर प्लाजा (चबूतरा), सेंटर एक्सिस (मंदिर) पहुंच मार्ग, टैम्पल प्लाजा (मंदिर परिसर), रामबाड़ा से केदारनाथ मार्ग की चौड़ाई, केदारनाथ से गरुड़चट्ट मार्ग, मंदाकिनी नदी पर 60 मीटर पुल, भैरव मंदिर पुल, भैरव मंदिर मार्ग, शौचालय, सीतापुर पार्किंग, सोनप्रयाग शौचालय, पैदल मार्ग पर एमआरपी, केदारनाथ में हाट बाजार, रुद्रा प्वाइंट से बेस कैंप तक 50 दुकानें, घोड़ा पड़ाव, दिव्य शिला आदि शामिल हैं।

मोदी भी ड्रोन से ले चुके हैं जायजा:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बार ड्रोन के जरिए केदारनाथ के पुनर्निर्माण कार्यों का जायजा ले चुके हैं। वर्ष 2013 में केदारनाथ आपदा के समय मुख्यमंत्री गुजरात रहते मोदी ने उत्तराखंड सरकार को प्रस्ताव दिया था कि वे केदारनाथ के पुनर्निर्माण में सहयोग करना चाहते हैं। मोदी बाबा केदार से आध्यात्मिक रूप से जुड़े हैं। स्वयं ध्यान गुफा में बैठकर वे बाबा केदार के प्रति अपनी आस्था सार्वजनिक रूप से व्यक्त कर चुके हैं।