द फ्रंट डेस्क: चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतदान कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। आयोग के अनुसार राज्य की सभी 294 विधानसभा सीटों पर इस बार सिर्फ दो चरणों में मतदान कराया जाएगा। पहले चरण की वोटिंग 23 अप्रैल को और दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को होगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि विस्तृत विचार-विमर्श, सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा और प्रशासनिक तैयारियों को ध्यान में रखते हुए आयोग ने चरणों की संख्या कम करने का निर्णय लिया है, ताकि चुनाव प्रक्रिया अधिक सुगम, व्यवस्थित और सभी के लिए आसान बनाई जा सके।
पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार चरणों की संख्या काफी कम कर दी गई है। वर्ष 2021 के चुनाव में पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में मतदान कराया गया था, जो देश के सबसे लंबे चुनावी कार्यक्रमों में से एक था। वहीं इस बार केवल दो चरणों में मतदान कराने का फैसला लिया गया है। चुनाव आयोग के अनुसार यह पिछले लगभग 25 वर्षों में सबसे कम चरणों में होने वाला विधानसभा चुनाव होगा। हालांकि इससे पहले साल 2001 में पूरे राज्य में एक ही चरण में मतदान कराया गया था, जिसके बाद कभी भी इतने कम चरणों में चुनाव नहीं हुए।
अगर पिछले चुनाव के नतीजों की बात करें तो 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 215 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी। वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 77 सीटें जीतकर राज्य में मुख्य विपक्षी दल का स्थान हासिल किया था। इस चुनाव में राज्य की राजनीति में तीखी टक्कर देखने को मिली थी और मतदान कई चरणों में कराया गया था।
2021 में आठ चरणों में हुआ था मतदान
पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान देश में कोविड-19 महामारी का प्रभाव भी था, जिसके चलते चुनाव आयोग ने सुरक्षा और प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए मतदान को आठ चरणों में कराने का फैसला लिया था। उस चुनाव में पहले चरण का मतदान 27 मार्च को हुआ था, जबकि आखिरी चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को संपन्न हुई थी। इसके बाद 2 मई 2021 को चुनाव परिणाम घोषित किए गए थे, जिसमें तृणमूल कांग्रेस ने लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल की थी।
इस बार दो चरणों में होगा पूरा चुनाव
विधानसभा चुनाव 2026 में मतदान कार्यक्रम को छोटा रखा गया है। चुनाव आयोग ने बताया कि पहले चरण में 16 जिलों की सीटों पर मतदान कराया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में 7 जिलों की सीटों पर वोट डाले जाएंगे। चुनावी प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए कोलकाता को दो अलग-अलग चुनावी जिलों में विभाजित किया गया है, जिससे मतदान और सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी ढंग से संभाला जा सके।
पहले चरण में 152 सीटों पर मतदान
पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को कराया जाएगा। इस दिन कुल 152 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे। चुनाव आयोग के अनुसार पहले चरण में उत्तर बंगाल के लगभग सभी जिलों के साथ-साथ जंगलमहल क्षेत्र की सीटों पर मतदान कराया जाएगा। पहले चरण में जिन प्रमुख जिलों में वोटिंग होगी, उनमें दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, कूचबिहार, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर और मालदा शामिल हैं। इसके अलावा झारग्राम, पुरुलिया, बांकुरा, बीरभूम और मुर्शिदाबाद जिलों की सीटों पर भी पहले चरण में मतदान कराया जाएगा। इसी चरण में पूर्व मिदनापुर और पश्चिम मिदनापुर की कई सीटों पर भी मतदान होगा। वहीं बर्दवान जिले में मतदान दो चरणों में कराया जाएगा, जिसमें पश्चिम बर्दवान की सीटों पर पहले चरण में वोटिंग कराई जाएगी।
दूसरे चरण में 142 सीटों पर वोटिंग
दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा। इस दिन कुल 142 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे। दूसरे चरण में कोलकाता, नादिया, हुगली, हावड़ा, पूर्व बर्दवान, उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना जिलों की सीटों पर मतदान कराया जाएगा। इन जिलों में कई राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्र भी शामिल हैं। कोलकाता की प्रमुख सीटें जैसे भवानीपुर, टॉलीगंज, जादवपुर, बेहाला, बालीगंज और चौरंगी पर भी इसी चरण में मतदान होगा। इसके साथ ही हावड़ा, हुगली और 24 परगना के कई अहम विधानसभा क्षेत्रों में भी इसी दिन वोट डाले जाएंगे। दो चरणों में मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 4 मई को मतगणना होगी, जिसके साथ ही यह तय हो जाएगा कि पश्चिम बंगाल की सत्ता पर अगली सरकार किसकी बनेगी।




