अरिजीत सिंह: एक युग का अंत — फीचर आर्टिकल

27 जनवरी 2026 को भारतीय संगीत जगत में एक ऐतिहासिक दिन दर्ज हुआ जब देश के सबसे लोकप्रिय और प्रभावशाली गायक अरिजीत सिंह ने खुद प्लेबैक सिंगिंग से रिटायरमेंट की घोषणा की। यह फैसला न केवल उनके चाहने वालों को हैरान कर गया, बल्कि म्यूज़िक इंडस्ट्री के कई दिग्गजों ने इसे “एक युग का अंत” बताया.


अरिजीत सिंह — शुरुआत से सितारा बनने तक

अरिजीत सिंह का जन्म 25 अप्रैल 1987 को पश्चिम बंगाल के जियागंज, मुरशिदाबाद में हुआ. उन्होंने संगीत की दुनिया में कदम 2005 में रियलिटी शो Fame Gurukul से रखा, जहां भले ही वह ग्रेड फाइनल में जगह नहीं बना पाए, लेकिन उनकी प्रतिभा सबका ध्यान खींचने में कामयाब रही. उन्होंने जीत हासिल की शो 10 Ke 10 Le Gaye Dil में, और इसके इनाम से मुंबई में अपना रिकॉर्डिंग स्टूडियो स्थापित किया. बॉलीवुड के प्रमुख संगीत निर्देशकों — जैसे प्रीतम, विशल-शेखर, मिथून — उन से जुड़ गए, और धीरे-धीरे उनके गाने सिनेमा जगत के हिट्स में तब्दील होने लगे.


सफलता की ऊँचाइयाँ और अभूतपूर्व रिकॉर्ड

2013 में फिल्म Aashiqui 2 के गाने “Tum Hi Ho” की रिलीज़ ने अरिजीत को रातोंरात स्टार बना दिया.
इस बाद उन्होंने हिंदी सिनेमा को कई ऐसे गीत दिए जिनकी आवाज़ आज भी लोगों के दिलों में गूँजती है:

  • केसरिया (Brahmastra)
  • बिंते दिल
  • छन्ना मेरेया
  • Sooraj Dooba Hain
  • Phir Aur Kya Chahiye
    और दर्जनों और हिट्स.

उनकी वोकल शैली — भावनात्मक, गहराई से भरी, और सहज — ने उन्हें हर उम्र वर्ग में लोकप्रिय बनाया.


पुरस्कार और सम्मान

अरिजीत सिंह ने कई अवॉर्ड्स अपने नाम किए हैं:

  • कई Filmfare Awards
  • National Film Awards
  • 2025 में उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया गया, जो भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है.

उनकी गानों ने न सिर्फ भारत में, बल्कि विदेशों में भी रिकॉर्ड तोड़े हैं — स्ट्रीमिंग पर करोड़ों व्यूज़ और लाखों फैन ऐतिहासिक.


रिटायरमेंट की घोषणा — क्या कहा उन्होंने?

27 जनवरी 2026 को अरिजीत सिंह ने अपने इंस्टाग्राम पर एक भावनात्मक पोस्ट के जरिए घोषणा की कि वह अब “कोई नया असाइनमेंट प्लेबैक वोकलिस्ट के रूप में नहीं लेंगे”.

उनका संदेश कुछ यूँ था:

“यह एक शानदार सफ़र रहा… लेकिन अब मैं इसे यहीं खत्म कर रहा हूँ.” (IBC24 News)

इस घोषणा के बावजूद उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पूरा संगीत छोड़ नहीं रहे, बल्कि अब वह फिल्मी पार्श्वगायन नहीं करेंगे, और संभवतः स्वतंत्र संगीत, लाइव कॉन्सर्ट और अन्य कलात्मक परियोजनाओं पर काम जारी रखेंगे.


अरिजीत सिंह: संगीत का सफर

अरिजीत सिंह का नाम सिर्फ एक सिंगर के रूप में नहीं, बल्कि एक युग की आवाज़ के रूप में याद रखा जाएगा —
उस आवाज़ के लिए जिसने प्यार, दर्द, याद, और जज़्बात को एक स्वर में पिरो दिया.

अब जब वह फिल्मी प्लेबैक से अलग हो रहे हैं, तो संगीत प्रेमियों के दिल में एक सवाल बचता है:
क्या यह संगीत का अलविदा है, या एक नए अध्याय की शुरुआत? जैसा भी हो —अरिजीत सिंह की धुनें आज भी सैकड़ों दिलों में गूंजती रहेंगी.


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