पटना में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा की मौत का मामला अब केवल एक संदिग्ध मृत्यु नहीं रह गया है। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि छात्रा के साथ मौत से पहले रेप हुआ था। इस खुलासे के बाद न सिर्फ पुलिस की शुरुआती जांच पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, बल्कि यह भी सामने आया है कि अहम सबूतों के साथ लापरवाही,छेड़छाड़ तक हुई। अब इस पूरे मामले की जांच CID को सौंप दी गई है।
मामला शुरू कैसे हुआ?
पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली नीट की तैयारी कर रही छात्रा की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उसकी मौत हो गई थी। शुरुआत में इस मौत को संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत बताया गया। पुलिस ने शुरुआती जांच में इसे सामान्य मामला मानते हुए आगे बढ़ने की कोशिश की, लेकिन छात्रा के परिजनों ने शुरू से ही इस पर सवाल उठाए।
परिजनों ने क्या आरोप लगाए?
छात्रा की मौत के बाद परिजनों ने साफ तौर पर आशंका जताई थी कि यह सामान्य मौत नहीं है और इसके पीछे यौन उत्पीड़न की संभावना हो सकती है। परिजनों का आरोप था कि पुलिस और SIT सही दिशा में जांच नहीं कर रही और मामले को दबाने या दूसरी दिशा में मोड़ने की कोशिश की जा रही है।
FSL जांच में क्या सामने आया?
मामले में बड़ा मोड़ तब आया जब फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की बायोलॉजिकल रिपोर्ट सामने आई। रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई कि छात्रा के अंडरगारमेंट्स में मेल स्पर्म के अवशेष पाए गए हैं। इससे यह साफ हो गया कि छात्रा के साथ मौत से पहले रेप हुआ था। यह वही बात थी, जिसकी आशंका परिजन पहले दिन से जता रहे थे।
FSL रिपोर्ट बीते शनिवार को पुलिस को सौंपी गई थी, लेकिन रिपोर्ट आने के बाद भी अधिकारी सार्वजनिक रूप से कुछ कहने से बचते रहे।
पुलिस की लापरवाही कैसे उजागर हुई?
FSL जांच के दौरान एक और गंभीर तथ्य सामने आया। पुलिस ने जांच के लिए जो बेडशीट (चादर) सौंपी थी, वह पहले से धोई हुई थी। यही वह चादर थी, जिस पर छात्रा उल्टी करने के बाद बेहोश हुई थी। FSL जांच में बेडशीट में डिटर्जेंट पाउडर पाए जाने की पुष्टि हुई, जिससे यह साफ हो गया कि अहम सबूत के साथ छेड़छाड़ या भारी लापरवाही हुई है।
इस खुलासे ने पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
किन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई?
FSL रिपोर्ट और लापरवाही सामने आने के बाद विभागीय कार्रवाई की गई। कदमकुआं थाने के अपर थानाध्यक्ष अवर निरीक्षक हेमंत झा और चित्रगुप्त नगर थाने की थानाध्यक्ष अवर निरीक्षक रोशनी कुमारी को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि शुरुआती जांच में गंभीर चूक हुई थी।
अब CID की एंट्री क्यों हुई?
मामले की गंभीरता, बढ़ते जनदबाव और पुलिस पर उठ रहे सवालों के बाद अब जांच CID को सौंप दी गई है। CID की टीम ने शंभू गर्ल्स हॉस्टल पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया है और दोबारा से सबूतों की जांच शुरू कर दी है। CID यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि—
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रेप किसने किया
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आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर कैसे रहा
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सबूतों से छेड़छाड़ में कौन-कौन जिम्मेदार है
CID की एंट्री के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि इस मामले में आगे और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
अब आगे क्या होगा?
अब पूरा मामला CID की जांच पर निर्भर है। सबसे अहम सवाल ये हैं—
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आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी कब होगी
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सबूतों के साथ हुई छेड़छाड़ पर किसे जिम्मेदार ठहराया जाएगा
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क्या और पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी
यह मामला अब सिर्फ एक छात्रा की मौत का नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था, पुलिस जांच और सिस्टम की जवाबदेही का बन चुका है। FSL रिपोर्ट ने परिजनों की आशंका को सही साबित कर दिया है। अब देखना होगा कि CID की जांच इस पूरे मामले में कितनी सच्चाई सामने लाती है और पीड़िता को न्याय कब मिलता है।




