जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार (22 जनवरी 2026) को सेना के जवानों के साथ बड़ा हादसा हो गया। खन्नीटॉप इलाके में जवानों को ले जा रही सेना की एक कैस्पर गाड़ी अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। इस दर्दनाक हादसे में 10 जवानों की जान चली गई, जबकि 3 सैनिक गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। वाहन में कुल 17 जवान सवार थे।
हादसा भद्रवाह–चंबा रोड पर हुआ, जिसकी स्थिति पहले से ही खराब बताई जा रही है। सेना का कैस्पर वाहन करीब 200 फीट गहरी खाई में जा गिरा। घटना की सूचना मिलते ही सेना और पुलिस ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। स्थानीय प्रशासन और बचाव दल भी मौके पर पहुंचे और घायलों को बाहर निकालने का अभियान तेज किया गया।
रेस्क्यू के दौरान घायल जवानों को पहले नजदीकी मेडिकल कैंप ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद 3 गंभीर रूप से घायल सैनिकों को उधमपुर स्थित सेना अस्पताल रेफर किया गया है। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है।
यह पहला मौका नहीं है जब जम्मू-कश्मीर में सेना के काफिले के साथ इस तरह का हादसा हुआ हो। इससे पहले 4 मई 2025 को रामबन जिले के बैटरी चश्मा इलाके में सेना का वाहन करीब 600 फीट गहरी खाई में गिर गया था, जिसमें 3 जवानों की मौत हो गई थी। उस वक्त वाहन जम्मू से श्रीनगर जा रहे काफिले का हिस्सा था।
इसी तरह 24 दिसंबर को पुंछ जिले में भी सेना की वैन 350 फीट गहरी खाई में गिर गई थी। उस हादसे में 18 जवान सवार थे, जिनमें से 5 जवानों की जान चली गई थी। सभी जवान 11 मराठा रेजिमेंट से जुड़े थे।
लगातार हो रहे इन हादसों ने पहाड़ी इलाकों में सैन्य वाहनों की आवाजाही और सड़कों की हालत पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल डोडा हादसे की जांच शुरू कर दी गई है और सेना ने शहीद जवानों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना जताई है।




