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कौन हैं नितिन नबीन: साधारण कार्यकर्ता से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने तक की पूरी कहानी

कौन हैं नितिन नबीन: साधारण कार्यकर्ता से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने तक की पूरी कहानी

भारतीय जनता पार्टी को लंबे इंतज़ार के बाद नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल गया है। बिहार सरकार में मंत्री रहे नितिन नबीन को सोमवार को निर्विरोध भाजपा का 12वां राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। भाजपा केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण ने उनके निर्वाचन की औपचारिक घोषणा की। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि नबीन का चयन उनके संगठनात्मक अनुभव, जमीनी पकड़ और लगातार मजबूत होते राजनीतिक कद को देखते हुए किया गया है। उल्लेखनीय है कि दिसंबर 2025 में ही उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।

चुनाव प्राधिकरण का बयान

भाजपा केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि संगठनात्मक चुनाव में नितिन नबीन एकमात्र उम्मीदवार के रूप में सामने आए। उनके समर्थन में कुल 37 नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन सोमवार दोपहर 2 से 4 बजे तक हुए, जबकि शाम 5 बजे तक नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी की गई। किसी अन्य उम्मीदवार के न आने के कारण उनका निर्वाचन निर्विरोध तय हो गया।

बदलाव के दौर में नेतृत्व परिवर्तन

नितिन नबीन का चयन ऐसे समय में हुआ है जब भाजपा अपने शीर्ष नेतृत्व ढांचे में बदलाव के दौर से गुजर रही है। मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का मूल कार्यकाल पहले ही पूरा हो चुका था, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव जैसे अहम राजनीतिक पड़ावों को देखते हुए उन्हें कार्यकाल विस्तार दिया गया था। अब नबीन को कमान सौंपना पार्टी की दीर्घकालिक संगठनात्मक रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

नितिन नबीन का राजनीतिक परिचय

नितिन नबीन बिहार के एक अनुभवी और जमीनी नेता हैं। उनका जन्म पटना में हुआ। वे भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व विधायक स्वर्गीय नबीन किशोर प्रसाद सिन्हा के पुत्र हैं। पिता के निधन के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया और संगठन के भीतर अपनी अलग पहचान बनाई। वर्तमान में वे पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं और बिहार भाजपा के मजबूत नेताओं में गिने जाते हैं।

चुनावी सफलता और जनाधार

नितिन नबीन ने 2006 में उपचुनाव जीतकर पहली बार विधानसभा में कदम रखा था। इसके बाद 2010, 2015, 2020 और 2025 के विधानसभा चुनावों में उन्होंने लगातार जीत दर्ज की। हाल के चुनाव में उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की उम्मीदवार रेखा कुमारी को 51,936 वोटों के बड़े अंतर से हराया। इस जीत के बाद उन्हें बिहार सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई।

संगठन में तेज़ उभार

14 दिसंबर 2025 को नितिन नबीन को भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। महज एक महीने के भीतर उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंप दी गई। वे पार्टी के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्षों में शामिल होंगे और 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में पदभार संभालेंगे।

भाजपा की स्थापना और राष्ट्रीय अध्यक्षों का इतिहास

भारतीय जनता पार्टी की स्थापना 6 अप्रैल 1980 को हुई थी। अब तक पार्टी को अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, बंगारू लक्ष्मण, वेंकैया नायडू, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, अमित शाह और जेपी नड्डा जैसे राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल चुके हैं। नितिन नबीन इस परंपरा की अगली कड़ी हैं।

बिहार से राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने का इतिहास

बिहार के लिए नितिन नबीन का चयन खास माना जा रहा है। इससे पहले कैलाशपति मिश्रा 1999–2000 के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे थे। लगभग 45 साल बाद बिहार से किसी नेता का इस पद पर पहुंचना राज्य के लिए बड़े राजनीतिक गौरव के रूप में देखा जा रहा है।

कैसे होता है भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव?

भाजपा के संविधान के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव राष्ट्रीय परिषद और राज्य परिषदों के प्रतिनिधियों से बने निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है। इस प्रक्रिया की निगरानी राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी करते हैं। किसी उम्मीदवार के नाम का प्रस्ताव राज्य निर्वाचक मंडल के कम से कम 20 सदस्यों द्वारा संयुक्त रूप से किया जाना जरूरी होता है। साथ ही उम्मीदवार का चार कार्यकाल तक सक्रिय सदस्य रहना और कम से कम 15 वर्ष की सदस्यता पूरी होना अनिवार्य है। इसके अलावा, राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव तभी कराया जाता है जब कम से कम 50 प्रतिशत राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों का चुनाव पूरा हो जाए।

नितिन नबीन का निर्विरोध निर्वाचन न केवल उनकी राजनीतिक यात्रा का अहम पड़ाव है, बल्कि यह भाजपा की उस कार्यकर्ता आधारित राजनीति को भी दर्शाता है, जहां संगठन से निकलकर शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचने का रास्ता खुला रहता है। बिहार को 45 साल बाद मिला यह अवसर पार्टी और राज्य—दोनों के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है।

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