उत्तर प्रदेश के वाराणसी में मणिकर्णिका घाट के सौंदर्यीकरण और अतिक्रमण हटाने को लेकर खड़ा हुआ विवाद अब कानूनी और राजनीतिक मोड़ पर पहुंच गया है। इस मामले में वाराणसी पुलिस ने आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह, बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव समेत कुल आठ लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चेतावनी के महज 24 घंटे के भीतर की गई है।
क्या है पूरा विवाद
दरअसल, मणिकर्णिका घाट के सौंदर्यीकरण कार्य के दौरान अतिक्रमण हटाए जाने से जुड़ा एक कथित वीडियो और कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। इन पोस्ट्स में दावा किया गया था कि रानी अहिल्याबाई से जुड़ी प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया गया है। हालांकि, स्थानीय प्रशासन ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा था कि प्रतिमा पूरी तरह सुरक्षित है और किसी तरह की तोड़फोड़ नहीं हुई है।
मुख्यमंत्री की सख्त चेतावनी
विवाद बढ़ने के बीच शनिवार को वाराणसी पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्पष्ट कहा कि रानी अहिल्याबाई की प्रतिमा सुरक्षित है। उन्होंने आरोप लगाया था कि कुछ राजनीतिक दल और असामाजिक तत्व AI जनरेटेड वीडियो और भ्रामक कंटेंट के जरिए काशी की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए थे।
पुलिस ने क्यों दर्ज की FIR
मुख्यमंत्री की चेतावनी के बाद वाराणसी पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कथित तौर पर भ्रामक और फर्जी कंटेंट फैलाने के आरोप में आठ अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए। पुलिस के मुताबिक, इन पोस्ट्स के जरिए धार्मिक भावनाएं भड़काने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया गया।
एसीपी दशाश्वमेध घाट अतुल अंजान के अनुसार, सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 298, 299 और 353 के तहत केस दर्ज किया गया है। इन धाराओं में भ्रामक सूचना फैलाने, धार्मिक भावनाएं आहत करने और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने जैसे आरोप शामिल हैं।
वाराणसी पुलिस की चेतावनी
वाराणसी पुलिस ने इस मामले को लेकर सार्वजनिक चेतावनी भी जारी की है। पुलिस ने कहा है कि आगे यदि कोई भी व्यक्ति इस विवाद से जुड़ा भ्रामक या AI-जनरेटेड कंटेंट फैलाता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा न करें।
सियासी हलचल तेज
FIR दर्ज होने के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार काशी की धरोहर से जुड़े सवालों को दबाने की कोशिश कर रही है, जबकि सरकार का कहना है कि झूठी सूचनाओं के जरिए माहौल खराब किया जा रहा है। फिलहाल इस मामले में संजय सिंह और पप्पू यादव की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
मणिकर्णिका घाट विवाद पर दर्ज इस FIR के बाद आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।




