भारत का ऐसा इकलौता रेलवे स्टेशन, जहां से देश के हर कोने के लिए मिल जाती है ट्रेन

भारत का रेलवे नेटवर्क दुनिया के सबसे बड़े और सबसे जटिल रेल नेटवर्क में गिना जाता है। लगभग हर राज्य, हर ज़िले और हर छोटे-बड़े शहर तक रेलवे की पहुँच है। देशभर में करीब 8,500 से अधिक रेलवे स्टेशन मौजूद हैं, लेकिन इन हज़ारों स्टेशनों के बीच एक ऐसा स्टेशन भी है, जिसे भारतीय रेल नेटवर्क का दिल कहा जाता है। यह स्टेशन न सिर्फ़ देश के लगभग हर हिस्से से जुड़ा है, बल्कि दिन-रात चलने वाली ट्रेनों के कारण हमेशा जीवंत रहता है।

हम बात कर रहे हैं Mathura Junction की।


पूरे देश को जोड़ने वाला रेलवे हब

मथुरा जंक्शन को भारत के सबसे महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शनों में शामिल किया जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां से उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत — सभी दिशाओं के लिए ट्रेनें उपलब्ध हैं। कश्मीर से कन्याकुमारी तक और असम से गुजरात तक जाने वाली कई प्रमुख ट्रेनें मथुरा जंक्शन होकर ही गुजरती हैं या यहीं से यात्रियों को कनेक्टिविटी मिलती है।

यही वजह है कि मथुरा जंक्शन को ऐसा रेलवे स्टेशन माना जाता है, जहां से भारत के लगभग हर कोने की यात्रा संभव है।


24 घंटे चलता रहता है रेल संचालन

मथुरा जंक्शन उन स्टेशनों में से है जहां कभी सन्नाटा नहीं छाता। दिन हो या रात, किसी न किसी प्लेटफॉर्म पर ट्रेन का आना-जाना लगा रहता है। यहां से लंबी दूरी की एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनें, मेल ट्रेनें, पैसेंजर और मेमू ट्रेनें लगातार गुजरती हैं।

दिल्ली के बेहद करीब होने के कारण यह स्टेशन दिल्ली–मुंबई, दिल्ली–चेन्नई, दिल्ली–कोलकाता जैसे प्रमुख रेल कॉरिडोर से सीधे जुड़ा हुआ है। यही वजह है कि उत्तर भारत से दक्षिण और पूर्व की ओर जाने वाली अधिकतर ट्रेनें मथुरा होकर गुजरती हैं।


ऐतिहासिक विरासत भी है समृद्ध

मथुरा जंक्शन सिर्फ़ वर्तमान का व्यस्त स्टेशन नहीं है, बल्कि इसका इतिहास भी भारतीय रेलवे के शुरुआती दौर से जुड़ा हुआ है। साल 1875 में मथुरा जंक्शन से पहली ट्रेन का संचालन हुआ था। उस दौर में रेलवे भारत में अपने पैर जमा रहा था और मथुरा उस नेटवर्क का एक अहम पड़ाव बना। समय के साथ स्टेशन का विस्तार हुआ, प्लेटफॉर्म बढ़े, ट्रैक नेटवर्क विकसित हुआ और आज यह स्टेशन भारतीय रेलवे की रीढ़ माने जाने वाले जंक्शनों में शामिल है।


धार्मिक और पर्यटन महत्व ने बढ़ाई व्यस्तता

मथुरा जंक्शन की व्यस्तता की एक बड़ी वजह मथुरा शहर का धार्मिक महत्व भी है। भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि होने के कारण सालभर देश-विदेश से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। जन्माष्टमी, होली और अन्य धार्मिक अवसरों पर स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। पर्यटन, तीर्थयात्रा और सामान्य यात्रा — तीनों का संगम मथुरा जंक्शन को हमेशा सक्रिय बनाए रखता है।


क्यों कहा जाता है मथुरा जंक्शन को खास?

मथुरा जंक्शन सिर्फ़ एक रेलवे स्टेशन नहीं है, बल्कि यह भारत के विशाल रेल नेटवर्क को जोड़ने वाला एक रणनीतिक केंद्र है। यहां से गुजरने वाली ट्रेनों की संख्या, यात्रियों की आवाजाही और देशव्यापी कनेक्टिविटी इसे बेहद खास बनाती है।

अगर कोई यात्री भारत के किसी भी हिस्से की यात्रा की योजना बना रहा हो, तो मथुरा जंक्शन एक ऐसा स्टेशन है, जहां से लगभग हर दिशा के लिए विकल्प मौजूद रहते हैं।


भारतीय रेल का अहम स्तंभ

तेज़ी से बदलते समय में जब रेलवे आधुनिक हो रहा है, तब भी मथुरा जंक्शन अपनी ऐतिहासिक पहचान और व्यस्तता दोनों को बनाए हुए है। यह स्टेशन भारतीय रेलवे के उस ढांचे का हिस्सा है, जो देश को सिर्फ़ पटरियों से नहीं, बल्कि लोगों, संस्कृतियों और विचारों से जोड़ता है।

Share post:

Popular

More like this
Related