उत्तर प्रदेश के मथुरा ज़िले के वृंदावन में रविवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब छटीकरा मार्ग स्थित श्रीकृष्ण शरणम् सोसाइटी में संत प्रेमानंद जी महाराज के फ्लैट में अचानक भीषण आग लग गई।
आग फ्लैट नंबर 212 में लगी, जहां से तेज़ धुआं और आग की लपटें उठती देख आसपास के लोग घबरा गए और मदद के लिए मौके पर दौड़ पड़े।
शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है आग की वजह
प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया।
बड़ी राहत: फ्लैट में मौजूद नहीं थे प्रेमानंद जी महाराज
इस घटना में सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि प्रेमानंद जी महाराज पिछले करीब एक महीने से श्री राधाहित कैलिकुंज में निवास कर रहे हैं, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। प्रशासन के मुताबिक आग से किसी व्यक्ति के घायल होने की भी सूचना नहीं है।
आग से ज्यादा चर्चा में आया सेवादारों का व्यवहार
हालांकि आग पर काबू पाने के बाद मामला उस वक्त विवाद में बदल गया, जब मौके पर मौजूद लोगों ने महाराज के कुछ सेवादारों पर अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जब स्थानीय लोग मदद कर रहे थे और पत्रकार कवरेज कर रहे थे, उसी दौरान सेवादारों ने—
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वीडियो बना रहे लोगों को जबरन रोका
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कुछ लोगों के मोबाइल फोन छीन लिए
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कवरेज कर रहे पत्रकारों से बदसलूकी की
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यहां तक कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से भी तीखी बहस की
स्थानीय लोगों में गुस्सा, कार्रवाई की मांग
सेवादारों के इस व्यवहार से स्थानीय ब्रजवासियों में काफी नाराज़गी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि संकट के समय वे सहयोग के लिए पहुंचे थे, लेकिन सेवादारों ने सेवा-भाव के बजाय आक्रामक और अमर्यादित रवैया अपनाया।
स्थानीय निवासियों ने पुलिस प्रशासन से इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर सेवादारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
धार्मिक और सामाजिक हलकों में भी शुरू हुई बहस
यह मामला अब सिर्फ आग की घटना तक सीमित नहीं रह गया है। वृंदावन के धार्मिक और सामाजिक गलियारों में इस बात पर चर्चा शुरू हो गई है कि धार्मिक संतों से जुड़े लोगों से संयम, मर्यादा और विनम्रता की अपेक्षा होती है, ऐसे में इस तरह का व्यवहार गलत संदेश देता है।
जांच जारी, प्रशासन अलर्ट
दमकल विभाग ने आग लगने की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। साथ ही स्थानीय प्रशासन ने सोसाइटी में—
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बिजली व्यवस्था
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अग्नि सुरक्षा उपकरण
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आपातकालीन व्यवस्थाओं
की भी जांच शुरू कर दी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।




