अमेरिका का हमला, मादुरो की गिरफ्तारी और वेनेजुएला पर ट्रंप का नियंत्रण: कब शुरू हुआ विवाद, क्यों हुई कार्रवाई और अब तक क्या-क्या हुआ

अमेरिका का हमला, मादुरो की गिरफ्तारी और वेनेजुएला पर ट्रंप का नियंत्रण: कब शुरू हुआ विवाद, क्यों हुई कार्रवाई और अब तक क्या-क्या हुआ

मेरिका और वेनेजुएला के बीच चला आ रहा तनाव आखिरकार खुले सैन्य हस्तक्षेप और सत्ता नियंत्रण तक पहुँच गया है। अमेरिकी कार्रवाई में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के अस्थायी संचालन का ऐलान कर दिया। यह घटनाक्रम अचानक नहीं हुआ, बल्कि इसके पीछे महीनों—बल्कि वर्षों की पृष्ठभूमि है।

विवाद की शुरुआत: कब और क्यों बिगड़े रिश्ते

अमेरिका और वेनेजुएला के रिश्ते कई सालों से तनावपूर्ण रहे हैं, लेकिन हाल के महीनों में यह टकराव तेज़ हो गया।
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन लगातार यह आरोप लगाता रहा कि निकोलस मादुरो की सरकार अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी, नार्को-टेररिज्म और आपराधिक गिरोहों को संरक्षण दे रही है। अमेरिका का दावा है कि वेनेजुएला से ड्रग्स की खेप सीधे अमेरिका तक पहुँचाई जा रही थी।

इन्हीं आरोपों के आधार पर अमेरिका ने पहले आर्थिक प्रतिबंध लगाए, फिर कैरेबियन क्षेत्र में संदिग्ध तस्करी नौकाओं पर कार्रवाई शुरू की। इससे वेनेजुएला ने अमेरिका पर संप्रभुता के उल्लंघन का आरोप लगाया और तनाव और गहरा गया।

तनाव कैसे बढ़ा: सैन्य और खुफिया तैयारी

2025 के अंत तक अमेरिका ने वेनेजुएला के तट के पास अपनी सैन्य मौजूदगी धीरे-धीरे बढ़ा दी। अमेरिकी खुफिया एजेंसियां मादुरो की गतिविधियों पर नज़र रखने लगीं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मादुरो की दिनचर्या, ठहरने की जगह, सुरक्षा व्यवस्था और मूवमेंट तक की जानकारी जुटाई गई। इसी दौरान अमेरिका के भीतर मादुरो और उनके करीबी लोगों के खिलाफ आपराधिक मामलों की तैयारी भी तेज़ की गई।

अचानक हमला: वेनेजुएला में विस्फोट और हवाई हमले

शनिवार की सुबह वेनेजुएला की राजधानी काराकास और कई अन्य शहरों में तेज धमाकों और लड़ाकू विमानों की आवाज़ें सुनी गईं।
शुरुआती घंटों तक अमेरिका की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया, जिससे अटकलें तेज़ हो गईं। बाद में डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर खुद स्वीकार किया कि ये अमेरिकी हमले थे। ट्रंप ने बताया कि यह एक सीमित लेकिन निर्णायक सैन्य ऑपरेशन था, जिसका मकसद मादुरो को हिरासत में लेना था।

मादुरो की गिरफ्तारी: ऑपरेशन कैसे हुआ

हवाई हमलों के बाद अमेरिकी विशेष बल उस स्थान पर पहुँचे, जहाँ मादुरो मौजूद थे।
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को सुरक्षित कमरे में जाने से पहले ही पकड़ लिया गया। दोनों को हथकड़ी लगाई गई और हेलीकॉप्टर से अमेरिकी नेवी के एक युद्धपोत तक ले जाया गया।

इसके बाद मादुरो दंपती को अमेरिका भेज दिया गया, जहाँ उन्हें न्यूयॉर्क में DEA (ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन) के मुख्यालय में पेश किया गया।

अमेरिका के आरोप: मादुरो पर क्या-क्या इल्ज़ाम

अमेरिका में जारी अभियोग के अनुसार, निकोलस मादुरो पर— ड्रग्स तस्करी से जुड़े आतंकवादी षड्यंत्र
कोकीन आयात की साजिश, अवैध हथियार रखने, मशीनगन और विनाशकारी उपकरणों के इस्तेमाल जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अमेरिकी एजेंसियों का दावा है कि वेनेजुएला सरकार ने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गिरोहों के साथ मिलकर काम किया।

ट्रंप का ऐलान: वेनेजुएला पर अमेरिका का नियंत्रण

मादुरो की गिरफ्तारी के बाद ट्रंप ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि
“जब तक सुरक्षित, उचित और विवेकपूर्ण तरीके से सत्ता का हस्तांतरण नहीं हो जाता, तब तक अमेरिका वेनेजुएला का संचालन करेगा।” ट्रंप का तर्क है कि वेनेजुएला में सत्ता का खालीपन या अराजकता पैदा होने देना अमेरिका और क्षेत्रीय सुरक्षा दोनों के लिए ख़तरनाक हो सकता है।

वेनेजुएला का जवाब और आंतरिक स्थिति

वेनेजुएला सरकार ने अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। देश की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने मादुरो को वैध राष्ट्रपति बताते हुए उनकी रिहाई की मांग की।
वहीं, वेनेजुएला की सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि मादुरो की अनुपस्थिति में डेल्सी रोड्रिगेज़ कार्यवाहक राष्ट्रपति की भूमिका निभाएँगी।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: दुनिया बंटी हुई

चीन, रूस और कई अन्य देशों ने इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।
न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने भी इसे एकतरफा सैन्य हस्तक्षेप करार दिया।
वहीं, अमेरिका के सहयोगी देशों का कहना है कि यह कदम क्षेत्रीय स्थिरता के लिए ज़रूरी था।

अमेरिका आखिर चाहता क्या है?

अमेरिका का कहना है कि उसका लक्ष्य—वेनेजुएला में ड्रग्स नेटवर्क को खत्म करना
सत्ता का नियंत्रित और सुरक्षित हस्तांतरण
एक ऐसी सरकार का गठन, जो “जनता और अंतरराष्ट्रीय कानून” के अनुरूप काम करे,ट्रंप प्रशासन साफ कर चुका है कि यह नियंत्रण स्थायी नहीं है, बल्कि सत्ता परिवर्तन तक की अस्थायी व्यवस्था है।

मादुरो की गिरफ्तारी और वेनेजुएला पर अमेरिकी नियंत्रण ने लैटिन अमेरिका की राजनीति और वैश्विक कूटनीति को हिला दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि यह संकट शांतिपूर्ण समाधान की ओर जाता है या अंतरराष्ट्रीय टकराव और गहराता है।

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