Venezuela Missile Attacks: वेनेजुएला से क्या-क्या मंगाता है भारत, जिस देश के राष्ट्रपति को अमेरिका ने किया गिरफ्तार?

काराकास पर मिसाइल हमलों और अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप की खबरों के बीच एक अहम सवाल उठ रहा है: भारत और वेनेज़ुएला के बीच व्यापारिक रिश्ते कितने मजबूत हैं, और भारत वेनेज़ुएला से क्या-क्या आयात करता है? आज हम इसी को विस्तार से समझते हैं।

वेनेज़ुएला–भारत व्यापार: क्यों है महत्व

भारत और वेनेज़ुएला के बीच व्यापारिक रिश्ते का आधार ऊर्जा सुरक्षा रहा है। भले ही वेनेज़ुएला राजनीतिक अस्थिरता और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सामना कर रहा हो, फिर भी यह देश भारत के लिए महत्वपूर्ण वस्तुएं उपलब्ध कराता है। खासकर कच्चा तेल और ऊर्जा उत्पाद भारत की ज़रूरतों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं।

कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पाद – सबसे बड़ा आयात

भारत का वेनेज़ुएला से सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण आयात कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पाद हैं:

  • 2024 में भारत ने लगभग 1.76 अरब डॉलर मूल्य का खनिज ईंधन और कच्चा तेल वेनेज़ुएला से आयात किया।

  • भारतीय रिफाइनरियां, खासकर रिलायंस इंडस्ट्रीज, वेनेज़ुएला का कच्चा तेल खरीदने में प्रमुख रही हैं।

  • वैश्विक प्रतिबंधों, कम खरीदारों और बाजार की मांग के कारण वेनेज़ुएला का तेल कभी-कभी रियायती कीमतों पर उपलब्ध होता है, जो भारत के लिए फायदेमंद साबित होता है।

एल्युमिनियम – दूसरा बड़ा आयात

तेल के बाद एल्युमिनियम भारत का दूसरा सबसे बड़ा औद्योगिक आयात है:

  • 2024 के व्यापार डेटा के अनुसार, भारत ने लगभग 36.20 मिलियन डॉलर मूल्य का अल्युमिनियम आयात किया।

  • यह धातु भारत के ऑटोमोबाइल, निर्माण, बिजली, पैकेजिंग और अन्य उद्योगों में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होती है।

स्क्रैप धातु – रीसाइक्लिंग इंडस्ट्री का आधार

वेनेज़ुएला से भारत को भारी मात्रा में स्क्रैप धातु भी मिलती है:

  • 2023–24 के दौरान भारत ने लगभग 43.4 मिलियन डॉलर मूल्य का स्क्रैप लोहा आयात किया।

  • साथ ही स्क्रैप तांबे की भी पर्याप्त मात्रा भारत को प्राप्त हुई, जो स्टील और तांबा उद्योग के लिए महत्वपूर्ण है।

  • इन स्क्रैप धातुओं का उपयोग रीसाइक्लिंग आधारित उद्योगों में होता है, जिससे ऊर्जा और संसाधनों की बचत होती है।

अन्य धातुएं और कच्चा माल

वेनेज़ुएला से भारत अन्य धातु एवं कच्चा माल भी आयात करता है:

  • लोहा और स्टील

  • तांबा

  • जिंक और लेड (सीमित मात्रा में)

ये वस्तुएं इंफ्रास्ट्रक्चर, इलेक्ट्रॉनिक्स और निर्माण उद्योग में काम आती हैं।

केमिकल्स और लकड़ी से जुड़े उत्पाद

भारत और वेनेज़ुएला के बीच सीमित पैमाने पर निम्न वस्तुएं भी व्यापार में हैं:

  • ऑर्गेनिक केमिकल्स

  • लकड़ी का कोयला

हालांकि यह व्यापार का बड़ा हिस्सा नहीं है, फिर भी ये बास्केट में शामिल रहकर कुछ सेक्टरों की मांग को पूरा करते हैं।

वेनेज़ुएला से भारत को क्या मिल सकता है?

संक्षेप में भारत वेनेज़ुएला से निम्न प्रमुख वस्तुएं आयात करता है:

 कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पाद
 एल्युमिनियम
 स्क्रैप धातुएं (लोहा, तांबा)
 सीमित मात्रा में लोहा–स्टील, जिंक, लेड
 केमिकल्स और लकड़ी के उत्पाद

भारत के लिए इसका क्या महत्व?

  • ऊर्जा सुरक्षा: वेनेज़ुएला कच्चे तेल का एक महत्वपूर्ण स्रोत है, जो भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं में मदद करता है।

  • औद्योगिक इनपुट: धातु और स्क्रैप सामग्री से भारत के कई उद्योगों को कच्चा माल मिलता है।

  • वैश्विक व्यापार संतुलन: वैश्विक तेल बाजार और कच्चे माल की उपलब्धता पर वेनेज़ुएला का प्रभाव भारत के लिए महत्वपूर्ण है।

संकट के बीच व्यापार का भविष्य

जहाँ वेनेज़ुएला में मिसाइल हमलों, राजनीतिक तनाव और अमेरिकी हस्तक्षेप की खबरें सुनाई दे रही हैं, वहीं यह संकट भारत के वाणिज्य और ऊर्जा सन्तुलन को प्रभावित कर सकता है। तेल की आपूर्ति, प्रतिबंधों का प्रभाव, और व्यापारिक रास्तों पर बिजली तनाव का असर भी बढ़ सकता है।

इसलिए काराकास में जारी घटनाक्रम पर न सिर्फ क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज़ से भारत भी नजर बनाए हुए है।

Share post:

Popular

More like this
Related