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CWC बैठक में क्या-क्या बड़े फैसले हुए? जानिए कांग्रेस का पूरा रोडमैप

CWC बैठक में क्या-क्या बड़े फैसले हुए? जानिए कांग्रेस का पूरा रोडमैप

कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक में केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा की जगह नई VB-G RAM G योजना लाने के फैसले पर विस्तार से चर्चा हुई। पार्टी नेतृत्व ने इसे गरीबों के अधिकारों और संघीय ढांचे पर हमला बताते हुए सरकार के फैसले की कड़ी आलोचना की। बैठक के बाद कांग्रेस ने संकेत दिए कि वह इस मुद्दे को देशभर में राजनीतिक और जनआंदोलन का रूप देगी।


बैठक में क्या रहा एजेंडा

CWC की यह बैठक पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इसमें कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, महासचिव केसी वेणुगोपाल, सांसद शशि थरूर समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक का मुख्य एजेंडा मनरेगा की मौजूदा स्थिति, उसकी जगह प्रस्तावित नई योजना और इसके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों पर विचार करना रहा।


राहुल गांधी का आरोप: देश में ‘वन मैन शो’

राहुल गांधी ने बैठक में केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मनरेगा से जुड़ा फैसला न तो कैबिनेट में चर्चा के बाद लिया गया और न ही इसके सामाजिक प्रभावों का कोई ठोस अध्ययन किया गया। राहुल गांधी के मुताबिक, इससे यह साफ संकेत मिलता है कि देश में फैसले एकतरफा तरीके से लिए जा रहे हैं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर किया जा रहा है।


‘मनरेगा सिर्फ योजना नहीं, अधिकार आधारित कानून’

राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा केवल एक सरकारी योजना नहीं थी, बल्कि यह अधिकार आधारित कानून था, जिसने करोड़ों ग्रामीण परिवारों को न्यूनतम मजदूरी और रोजगार की सुरक्षा दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि मनरेगा ने पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत किया और राज्यों को आर्थिक व प्रशासनिक रूप से सशक्त बनाया। नई योजना के जरिए इस अधिकार आधारित सोच को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।


संघीय ढांचे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर का दावा

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि नई योजना के जरिए केंद्र सरकार सत्ता और वित्तीय नियंत्रण को अपने हाथ में समेट रही है। इससे राज्यों की भूमिका सीमित होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ेगा। पार्टी का आरोप है कि इस फैसले से सबसे ज्यादा नुकसान गरीब और मजदूर वर्ग को होगा।


नोटबंदी जैसी गलती दोहराने का आरोप

बैठक में राहुल गांधी ने मनरेगा से जुड़े फैसले की तुलना नोटबंदी से की। उन्होंने कहा कि जैसे नोटबंदी का फैसला एकतरफा था और उसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ा, वैसे ही यह कदम भी ग्रामीण भारत के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।


5 जनवरी से ‘मनरेगा बचाओ’ अभियान

CWC बैठक में यह फैसला लिया गया कि कांग्रेस 5 जनवरी से देशभर में ‘मनरेगा बचाओ’ अभियान शुरू करेगी। इस अभियान के तहत पार्टी कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों को मनरेगा के महत्व के बारे में बताएंगे और सरकार के फैसले के खिलाफ जनमत तैयार करेंगे। साथ ही संसद और सड़कों पर भी विरोध दर्ज कराया जाएगा।


खरगे का संदेश: हर कीमत पर मनरेगा की रक्षा

पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि मनरेगा संविधान द्वारा दिया गया काम का अधिकार है और कांग्रेस इसकी रक्षा के लिए पूरी ताकत से लड़ेगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि गांधीजी के नाम को हटाने या योजना को कमजोर करने की किसी भी कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा।


आगे की रणनीति क्या होगी

CWC बैठक के बाद कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि मनरेगा आने वाले दिनों में पार्टी का प्रमुख राजनीतिक मुद्दा रहेगा। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इस मुद्दे पर सरकार को घेरकर गरीबों, मजदूरों और राज्यों के अधिकारों की लड़ाई को और तेज किया जाएगा।

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