इस मुस्लिम बहुल देश में भारतीय रुपया दिखाता है ताकत, 1 लाख रुपये से बनते हैं ‘करोड़ों’

इस मुस्लिम बहुल देश में भारतीय रुपया दिखाता है ताकत, 1 लाख रुपये से बनते हैं ‘करोड़ों’

इंडोनेशिया एशिया का एक अहम देश है, जो अपनी विशाल आबादी, प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विविधता के लिए जाना जाता है। यह दुनिया का सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाला देश है, लेकिन इसके बावजूद यहां भारतीय संस्कृति की गहरी छाप देखने को मिलती है। खास बात यह है कि इंडोनेशिया पहुंचते ही भारतीय रुपया बेहद मजबूत नजर आता है, जिससे भारतीय पर्यटकों को वहां “करोड़पति” जैसा एहसास होता है।

इंडोनेशिया की आधिकारिक मुद्रा इंडोनेशियन रुपिया है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर IDR कहा जाता है। इस मुद्रा को जारी करने और देश की मौद्रिक नीतियों को संभालने की जिम्मेदारी Bank Indonesia के पास है। रुपिया का इस्तेमाल देशभर में रोजमर्रा के लेन-देन से लेकर अंतरराष्ट्रीय व्यापार तक किया जाता है।


भारतीय रुपये के मुकाबले क्यों कमजोर है इंडोनेशियन रुपिया?

अगर भारतीय रुपये और इंडोनेशियन रुपिया की तुलना करें, तो रुपिया की फेस वैल्यू काफी कम नजर आती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक,
1 भारतीय रुपया ≈ 185–190 इंडोनेशियन रुपिया के बीच मिलता है।

इस हिसाब से भारत से 1 लाख रुपये लेकर इंडोनेशिया जाने पर वहां करीब 1 करोड़ 85 लाख से 1 करोड़ 90 लाख IDR मिल सकते हैं। यही वजह है कि अक्सर कहा जाता है कि इंडोनेशिया में भारतीय रुपया आपको “करोड़पति” बना देता है। हालांकि, इसका यह मतलब नहीं कि इंडोनेशिया की अर्थव्यवस्था कमजोर है। किसी भी देश की करेंसी वैल्यू महंगाई, आयात-निर्यात, ब्याज दरों, विदेशी निवेश और सरकारी नीतियों जैसे कई कारकों पर निर्भर करती है। इंडोनेशिया की अर्थव्यवस्था दक्षिण-पूर्व एशिया की मजबूत अर्थव्यवस्थाओं में गिनी जाती है।


मुस्लिम देश की करेंसी पर भगवान गणेश की तस्वीर

इंडोनेशिया की सबसे रोचक बातों में से एक यह है कि मुस्लिम बहुल देश होने के बावजूद यहां धार्मिक सहिष्णुता की मजबूत परंपरा है। इंडोनेशिया के 20,000 रुपिया के नोट पर भगवान गणेश की तस्वीर छपी हुई है। यह तस्वीर ज्ञान, बुद्धि और कला का प्रतीक मानी जाती है और इस बात को दर्शाती है कि इंडोनेशिया अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को कितनी अहमियत देता है।


रामायण–महाभारत और हिंदू संस्कृति की झलक

इंडोनेशिया में भारतीय सभ्यता का प्रभाव सदियों पुराना है। आज भी यहां रामायण और महाभारत की कथाएं नृत्य, नाटक और लोक कलाओं के जरिए जीवित हैं। खासतौर पर बाली जैसे इलाकों में हिंदू परंपराएं, मंदिर और धार्मिक उत्सव खुले तौर पर देखे जा सकते हैं। भगवान राम, भगवान गणेश और अन्य हिंदू प्रतीकों को इंडोनेशियाई संस्कृति में सम्मान की नजर से देखा जाता है।


भारतीय पर्यटकों के लिए क्यों खास है इंडोनेशिया?

भारतीय पर्यटकों के लिए इंडोनेशिया कई वजहों से खास बन जाता है—

  • भारतीय रुपये के मुकाबले मजबूत करेंसी एक्सचेंज

  • प्राकृतिक सुंदरता और लोकप्रिय पर्यटन स्थल

  • भारत से ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जुड़ाव

  • धार्मिक सह-अस्तित्व का अनोखा उदाहरण

कमजोर करेंसी के चलते यहां होटल, खाना, लोकल ट्रैवल और शॉपिंग भारतीय पर्यटकों को अपेक्षाकृत सस्ती लगती है।

इंडोनेशिया सिर्फ एक खूबसूरत मुस्लिम बहुल देश ही नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक विविधता और धार्मिक सह-अस्तित्व का भी बेहतरीन उदाहरण है। भारतीय रुपये के मुकाबले कमजोर इंडोनेशियन रुपिया भले ही आपको वहां “करोड़पति” जैसा एहसास कराए, लेकिन इस देश की असली पहचान उसकी समृद्ध विरासत, संस्कृति और भारत से जुड़े ऐतिहासिक रिश्तों में छिपी है।

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