कॉमनवेल्थ गेम्स में 14 साल की अनहत ने रचा इतिहास, जीत से की शुरूआत, अब तक 40 नेशनल मेडल पर कर चुकी हैं कब्जा

नई दिल्ली. कॉमनवेल्थ गेम्स (Commonwealth Games 2022) में भारतीय टीम का हिस्सा अनहत सिंह (Anahat Singh) ने पहला ही मुकाबला 3-0 से जीत लिया। मैच जीतने के बाद अचानक सुर्खियों में आईं अनहत सिंह को लोग बधाइयां दे रहे हैं। लेकिन अनहत कि मानें तो वे शौकिया तौर पर स्वैक्श से जुड़ीं लेकिन पिछले 6 वर्षों से उन्होंने इसके लिए खूब मेहनत की है। इस भारतीय प्लेयर से पहली बार मेडल की उम्मीद भी की जा रही है।

कौन हैं अनहत सिंह
अनहत सिंह कॉमनवेल्थ गेम्स में शामिल भारतीय टीम की सबसे युवा खिलाड़ी हैं। वे अपने खेल स्वैक्श के लिए जूनूनी हैं। यही कारण है कि अंडर-15 कैटेगरी में वे भारत ही नहीं एशिया में भी पहले रैंक पर हैं। दिल्ली की रहने वाली 14 वर्षीय अनहत अभी क्लास 9 की स्टूडेंट हैं। लेकिन इस समय इंडियन टीम को बर्मिंघम में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में रिप्रेजेंट कर रही हैं।

कैसे हुई खेल की शुरूआत
9वीं ग्रेड की स्टूडेंट अनहत दिल्ली की रहने वाली हैं। जब वे सिर्फ 6 वर्ष की थीं तो अपनी बहन के साथ स्वैक्श खेलने लगी थीं। लेकिन उस समय उन्हें बैडमिंटन में करियर बनाना था। लेकिन बहन के साथ खेलते-खेलते अनहत को कब स्वैक्श से लगाव हो गया पता ही नहीं चला। 2 साल बाद यानि 8 वर्ष की उम्र से अनहत ने खेल को सिरीयसली लेना शुरू कर दिया। लगातार 6 वर्षों से वे स्वैक्श की प्रैक्टिस कर रही हैं और पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को रिप्रेजेंट कर रही हैं। अनहत ने अब तक राष्ट्रीय स्तर पर 40 मेडल जीते हैं।

क्या कहते हैं अनहत के कोच
अनहत के कोच क्रिस वॉकर कहते हैं कि उसके पास समस्या को सुलझाने का बहुत अच्छा कौशल है। वह बहुत स्मार्ट है। कोर्ट की अच्छी समझ है और रैकेट पर अच्छी पकड़ है। 14 साल की उम्र में आप बस उस प्रतिभा को विकसित करने में मदद करना चाहते हैं। मैंने उसके साथ कम ही काम किया है लेकिन वह मजेदार रहा है। अनहत का भविष्ट काफी उज्जवल है। वह छोटी उम्र में काफी परिपक्व हो गई है और गेम को स्टेप बाई स्टेप समझती हैं। यही कारण है कि उसकी जीत अंतर काफी ज्यादा होता है।

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