बांग्लादेश के पद्मा ब्रिज से हर कोई नहीं गुजर सकेगा, जानिए क्या हैं नियम, 25 जून को होगा उद्घाटन

बांग्लादेश के पद्मा ब्रिज से हर कोई नहीं गुजर सकेगा, जानिए क्या हैं नियम, 25 जून को होगा उद्घाटन

ढाका. दुनिया में बहुत सारे हैरतअंगेज पुल बने हैं। वैसे बांग्लादेश में बना यह पुल अजूबा नहीं है, लेकिन सिक्योरिटी के लिहाज से इस पुल पर ट्रैफिक के लिए कुछ नियम बनाए गए हैं। बांग्लादेश के ड्रीम प्रोजेक्ट पद्मा ब्रिज(Padma Bridge) का 25 जून को प्रधानमंत्री शेख हसीना(Prime Minister Sheikh Hasina) उद्घाटन करेंगी। रविवार को ट्रैफिक के लिए खोल दिया जाएगा। लेकिन इस ब्रिज के लिए कुछ नियम-कायदे तैयार किए गए हैं। यानी हर कोई इस पर से नहीं गुजर सकेगा। जानिए क्या हैं नियम….

नियमों को लेकर नोटिफिकेशन जारी
बांग्लादेश ब्रिज अथॉरिटी(Bangladesh Bridge Authority) ने एक अधिसूचना( notification) जारी करके सभी को उन नियमों के बारे में बताया है, जिनका पद्मा ब्रिज पार करते समय पालन किया जाना चाहिए। यह पुल अपने आप में चर्चा का विषय बना हुआ है। ये पुल धीमी गति से चलने वालों को अलर्ट करता है। पद्मा ब्रिज(Padma Bridge) पर पैदल तो छोड़ो, ऑटो तक को चलने की परमिशन नहीं दी गई है।

  • गुरुवार को अधिसूचना में, सरकारी निकाय ने कहा कि पद्मा ब्रिज पर गति सीमा 60 किमी / घंटा है।
  • पुल पर किसी भी तरह का वाहन खड़ा करना और तस्वीरें लेने या टहलने के लिए उतरना सख्त मना है।
  • तिपहिया (रिक्शा, वैन, सीएनजी, ऑटोरिक्शा, आदि), पैदल यात्री, साइकिल या गैर-मोटर चालित वाहन पुल को पार नहीं कर सकते।
  • जिन व्हीकल के कार्गो बॉडी से अधिक चौड़े हैं और  5.7 मीटर से अधिक कार्गो वाले वाहन पुल को पार नहीं कर सकते हैं।
  • इसके अलावा, पुल पर कोई कचरा नहीं डाला जा सकता है।

दअसल, अथॉरिटी के अधिकारी बहुत पहले स्पष्ट कर चुके हैं कि पद्म ब्रिज से व्हीकल्स एक निर्धारित स्पीड से आगे बढ़ेंगे। ऐसे में कोई पैदल या धीमी गति से चलने वाला व्हीकल्स पुल को पार करेगा, तो एक्सीडेंट हो सकता है।

13 प्रकार के व्हीकल्स को ही परमिशन
इससे पहले 17 मई को भी एक नोटिफिकेशन जार किया गया था। इसमें 13 तरह के वाहनों को पुल पार करने की इजाजत दी गई। मोटरसाइकिलों के लिए Tk100, कारों या जीपों के लिए Tk750, पिकअप वैन के लिए Tk1 200, माइक्रोबस के लिए Tk1300, छोटी बसों के लिए (31 सीटें या उससे कम) Tk1400, मध्यम बसों(32 सीटें)  के लिए Tk2000  का शुल्क लिया जाएगा। टोल के रूप में इससे  बड़ी बसों के लिए Tk2400 शुल्क लिया जाएगा। (Tk मतलब बांग्लादेशी करेंसी टका-taka)

यह है पद्मा ब्रिज की कहानी
पद्मा रोड-रेल ब्रिज है। ब्रिज का निर्माण बांग्लादेश की सरकार ने अपने ही रिर्सोसेज से कराया है। यानी किसी देश से पैसा नहीं लिया। यह शरीयतपुर-मदारीपुर के जरिये देश के दक्षिण-पश्चिम को उत्तरी-पूर्वी क्षेत्र को जोड़ता है। ब्रिज 150.12 मीटर (492.5 फीट) लंबा 41 फैला, 6.150 किमी (3.821 मील) कुल लंबाई और 22.5 मीटर (74 फीट) चौड़ा है। गंगा नदी पर बना यह बांग्लादेश का सबसे लंबा पुल है।

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