1990 के दशक के कुख्यात आतंकवादी यासीन मलिक के ‘गले में फंदा’ कंसते ही तिलमिलाया पाकिस्तान

1990 के दशक के कुख्यात आतंकवादी यासीन मलिक के ‘गले में फंदा’ कंसते ही तिलमिलाया पाकिस्तान

नई दिल्ली. कश्मीर से धारा 370(Kashmir Article 370) हटने के बाद से बौखलाए पाकिस्तान को एक और झटका लगा है। जम्मू कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों में शामिल रहे यासीन मलिक को टेरर फंडिंग मामले(Yasin Malik convicted in Terror Funding Case) में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (National Investigation Agency-NIA) कोर्ट द्वारा दोषी करार देते ही पाकिस्तान तिलमिलाने लगा है। पाकिस्तानी मीडिया dawn की एक न्यूज के अनुसार, पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने गुरुवार शाम एक बयान जारी करके अपनी भड़ास निकाली। बता दें यासीन मलिक ने 10 मई को खुद अपना गुनाह कबूल करते हुए कहा था कि वो कश्मीर घाटी में आतंकी वारदातों में शामिल था। यासीन मलिक ने पटियाला हाउस कोर्ट की एनआईए कोर्ट में अपनी गलती स्वीकार करते हुए कोर्ट से कानून के मुताबिक सजा देने की बात कही थी।  यह तस्वीर दिसंबर, 2018 की है, जब यासीन मलिक को श्रीनगर में आतंकवादियों के एनकाउंटर के विरोध में मार्च निकालने पर गिरफ्तार किया गया था। फोटो क्रेडिट-AFP/File

मलिक पर लगे आरोपों को बताया झूठा
पाकिस्तान ने मलिक को दोषी ठहराने के बाद अपनी भड़ास निकालते हुए इसे संदिग्ध और दुर्भावना से प्रेरित मामला बताया। पाकिस्तान ने इसे झूठा ट्रायल(sham trial) बताते हुए कहा कि वो इसकी कड़े शब्दों में निंदा करता है। पाकिस्तान ने कहा कि वो भारतीय अधिकारियों से कश्मीरियों के सच्चे प्रतिनिधियों का उत्पीड़न रोकने की मांग करता है। न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार, गुरुवार को सुनवाई के दौरान मलिक ने अपने ऊपर लगे आरोपों की सफाई में खुद को कथिततौर पर एक स्वतंत्रत सेनानी बताने की कोशिश की थी। मलिक ने कोर्ट में तर्क दिया था कि उसके ऊपर लगे आतंकवाद से संबंधित सभी आरोप मनगढ़ंत और राजनीति से प्रेरित हैं। मलिक ने कोर्ट से कहा था-“अगर आजादी मांगना अपराध है, तो मैं इस अपराध और इसके परिणामों को स्वीकार करने के लिए तैयार हूं।” हालांकि न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने बाद सजा के लिए 25 मई की तारीख तय की है। साथ ही मलिक को अपनी वित्तीय संपत्ति के बारे में एक हलफनामा पेश करने का निर्देश दिया।

पाकिस्तान विदेश मंत्रालय का बयान
गुरुवार को मलिक पर आरोप सिद्ध होते ही पाकिस्तान विदेश मंत्रालय ने एक बयान में इसकी निंदा की। उसने कहा कि यह सिर्फ मलिक के खिलाफ मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा(UDHR) की अवहेलना है। पाकिस्तान ने कहा कि नए परिदृश्य में जल्दबाजी करके कश्मीरी नेतृत्व के खिलाफ मामलों को आगे बढ़ाया जा रहा है। पाकिस्तान ने मलिक सहित सभी कश्मीरी अलगाववादियों का पक्ष लिया।

विदेश मंत्री ने अमेरिकी कांग्रेस के सामने उठाया मुद़्दा
गुरुवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो-जरदारी(Foreign Minister Bilawal Bhutto-Zardari ) ने वर्चुअल बैठक में अमेरिकी कांग्रेसी एडम स्मिथ के साथ जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाया। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, बिलावल ने विशेष रूप से कांग्रेसियों का ध्यान भारत द्वारा हाल ही में हुए जम्मू-कश्मीर के परिसीमन में पाक अधिकृत कश्मीर को निर्वाचन क्षेत्रों को शामिल करने का मुद्दा उठाया।

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