चंडीगढ़। कांग्रेस की सक्रिय राजनीति से संन्यास ले चुके पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व पंजाब प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ ने पार्टी हाईकमान द्वारा जी-23 ग्रुप को मनाने की कोशिश को लेकर तंज कसा है।
जाखड़ ने कहा है ‘झुक कर सलाम करने में क्या हर्ज है, लेकिन सर को इतना भी न झुकाओ की टोपी गिर जाए।’ वरिष्ठ नेता ने जहां कांग्रेस हाईकमान को नसीहत दी है, वहीं उनकी कमियों को भी उजागर करने की कोशिश की है।
अपने ट्वीटर हैंडल पर जी-23 को मनाने के लिए कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा किए जा रहे प्रयास को लेकर छपी खबरों को अटैच करते हुए जाखड़ ने लिखा है, असंतुष्टों को बहुत अधिक प्रसन्न करना न केवल अधिकार को कमजोर करेगा, बल्कि एक ही समय में कैडर को हतोत्साहित करते हुए और अधिक असंतोष को प्रोत्साहित करेगा।
झुक कर सलाम करने में क्या हर्ज है मगर
सर इतना मत झुकाओ कि दस्तार गिर पड़ेIndulging the dissenters – 'too much' – will not only undermine the authority but also encourage more dissent while discouraging the cadre at the same time. pic.twitter.com/59DuhBb5vI
— Sunil Jakhar (@sunilkjakhar) March 23, 2022
जाखड़ ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जिस प्रकार से पांच राज्यों में कांग्रेस की हार के बाद पार्टी हाईकमान जी-23 की नाराजगी को दूर करने में जुटा हुआ है, उससे पार्टी को और अधिक नुकसान हो सकता है, क्योंकि पार्टी काडर में पार्टी हाईकमान की छवि बिगड़ेगी। कांग्रेस हाईकमान पर पहले ही यह आरोप लगते रहे हैं कि वह समय रहते कोई मजबूत फैसला नहीं कर पाता है।
कांग्रेस के अंतरकलह के कारण ही सुनील जाखड़ ने इस बार विधान सभा का चुनाव भी नहीं लड़ा था। यही नहीं चुनाव के दौरान ही उन्होंने घोषणा कर दी थी कि अब वह सक्रिय राजनीति नहीं करेंगे। जाखड़ हमेशा ही कांग्रेस हाईकमान के साथ मजबूती से खड़े रहे है लेकिन जब हाईकमान की इच्छा और 42 विधायकों के समर्थन के बावजूद उन्हें पंजाब का मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया, तब से ही जाखड़ खिन्न नजर आ रहे हैं।
जाखड़ खुलकर सोनिया गांधी की करीबी व वरिष्ठ नेता अंबिका सोनी, जिन्होंने कहा था कि पंजाब में पगड़ीधारी ही मुख्यमंत्री होना चाहिए, पर सीधे-सीधे हमले करते रहे है। यहां तक कि उन्होंने यह भी कहा था कि यह नीति कांग्रेस की धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ है। जिसके बाद अब जाखड़ ने जी-23 को लेकर पार्टी हाईकमान पर तंज कसा है।




