UP चुनाव में 12 लाख महिलाओं के साथ तैयार ‘गुलाबी गैंग’, जानिए 2022 में कैसी रहेगी भूमिका?

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election) की तारीखों के ऐलान में मुश्किल से एक महीने से कम का समय रह गया है. इसी कड़ी में टीवी सीरियल बिग बॉस से शोहरत बटोर चुकीं और जाको राखे साइयां जैसी फिल्म में अभिनय कर चुकी ‘गुलाबी गैंग’ (Gulabi Gang) की कमांडर संपत पाल एक बार फिर मऊ मानिकपुर विधानसभा चित्रकूट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने का दम भर रही हैं. गुलाबी गैंग की कमांडर संपत पाल ने न्यूज 18 से बातचीत में कहा कि कांग्रेस पार्टी ने महिलाओं को 40% टिकट और नौकरियों में समान कोटा देने का वादा किया है जिससे गुलाबी गैंग की महिलाएं खुश हैं. उन्होंने कहा कि प्रियंका जी के साथ बात ये है कि वो कुछ कहती हैं तो फॉलो भी करती हैं और कांग्रेस एकमात्र सरकार है जिसने शुरुआत में गरीबों के बारे में बात की थी.

गैंग की कमांडर ने आगे कहा कि चित्रकूट के मऊ मानिकपुर विधानसभा क्षेत्र से 2012 और 2017 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुकी हूं. पिछले चुनाव में मैं दूसरे स्थान पर थी और इस बार फिर इसी सीट से चुनाव लड़ूगीं और पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी द्वारा महिलाओं के लिए 40 फीसदी टिकट का ऐलान करने से निश्चित ही महिलाओं का रुझान कांग्रेस की तरफ बढ़ा है. साथ ही उनकी सात प्रतिज्ञा के कारण कांग्रेस को लाभ मिलेगा.

बीजेपी सरकार पर बोला हमला
लखीमपुर में किसानों को कुचला गया, हाथरस कांड और आगरा में दलित युवक की हत्या जैसी घटनाओं को जिक्र करने हुए संपत पाल ने बीजेपी सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों से गरीब और किसान बेमौत मर रहे हैं. पाल ने बताया कि उत्तर प्रदेश में हमारे पास लगभग 10-12 लाख महिलाएं हैं. लेकिन पूरे भारत में गुलाबी गैंग चारों तरफ बिखरा हुआ है. गुलाबी गैंग की नेता ने सरकार पर निशाना साधने हुए कहा कि “मैं एक बात स्पष्ट कर देना चाहती हूं कि झूठ और धोखे पर आधारित सरकारें ज्यादा दिन तक सत्ता में नहीं रह सकतीं.”

दुनिया की 100 प्रभावशाली महिलाओं की सूची में शामिल
बता दें कि 1947 में जन्मी संपत देवी पाल ने उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के बदौसा गांव में रहकर ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर एक दल बनाया था. जिसका नाम गुलाबी गैंग रखा था. इस संगठन में कार्य करने वाली महिलाएं यूनिफॉर्म की भांति गुलाबी रंग की साड़ी पहनती हैं. इसी गुलाबी रंग के कारण ही इस गैंग को गुलाबी गैंग की पहचान मिली. उन्होंने महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए कई बार संघर्ष किया. वहीं 2011 में अंतरराष्ट्रीय द गार्जियन पत्रिका ने संपत पाल को दुनिया की 100 प्रभावशाली प्रेरक महिलाओं के सूची में शामिल किया था.

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