कर्नाटक तथा उत्तराखंड के सीएम ने परिवार के साथ किया श्रीकाशी विश्वनाथ का दर्शन, बोले- अद्भुत हो गया स्वरूप

कर्नाटक तथा उत्तराखंड के सीएम ने परिवार के साथ किया श्रीकाशी विश्वनाथ का दर्शन, बोले- अद्भुत हो गया स्वरूप

वाराणसी,  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के भव्य तथा नव्य स्वरूप का लोकार्पण किया। उसके बाद से दर्शनार्थियों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। मंगलवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई तथा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सपरिवार श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में जाकर भगवान श्रीकाशी विश्ववनाथ का दर्शन तथा पूजन किया।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि यह पूरा कॉरिडोर अद्भुत बना है। बहुत सारे लोग दक्षिण भारत से पहले भी काशी आते थे, अब तो उनकी संख्या में और बढ़ोतरी होगी। काशी विश्वनाथ पर विश्वास रखने वालों को ऐतिहासिक दिन प्रधानमंत्री मोदी ने दिया है। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि मैं पहले भी काशी आया हूं परन्तु अभी बहुत फर्क आ गया है। इसमें तो हमारे प्रधानमंत्री मोदी का विजन दिखता है। अगर सरकार मन बनाए तो क्या कुछ नहीं कर सकती है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने अपनी पत्नी के साथ आज काशी विश्वनाथ धाम में पूजा की। उनके साïथ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी अपनी पत्नी के साथ थे।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पूरा कॉरिडोर अद्भुत लग रहा है। आज प्रात: काल संपूर्ण विश्व के पालक बाबा विश्वनाथ जी का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। विश्वेश्वर से हम सभी प्रदेश वासियों पर सदैव अपनी कृपादृष्टि बनाए रखने के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि वाराणसी में आज मेरे साथी व कर्नाटक राज्य के लोकप्रिय मुख्यमंत्री के साथ बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए। आपकी आत्मीयता व आपसे मिले स्नेह के लिए मैं आपका आभारी हूं।

श्री कैलाशपति हम सभी पर अपनी कृपा बनाएं रखें। इसके साथ ही काशी विश्वनाथ मंदिर प्रांगण में स्थापित की गई लोकमाता, पुण्यश्लोक देवी अहिल्या बाई होल्कर की प्रतिमा पर शीश नवा कर पूरे प्रदेश की ओर से उन्हें नमन किया। आपकी धर्मनिष्ठा हमारे लिए आदर्श है और हम सदैव इसका अनुसरण करेंगे। आततायियों के मंदिर परिसर पर किए गए आघात के बाद इसके पुनर्निर्माण व काशी के वैभव को पुनर्स्थापित करने के लिए देवी अहिल्या बाई होल्कर के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने सदैव सनातन संस्कृति के मूल्यों को प्रोत्साहन व धर्म को सर्वोच्च स्थान दिया। ऐसी महान शिव साधिका को मेरा कोटिश नमन।

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