बलरामपुर, 11 दिसंबर 2021

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने शनिवार को यूपी के बलरामपुर में सरयू नहर परियोजना (Saryu Canal Project) का लोकार्पण किया. इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) पर तंज कसा. पीएम मोदी ने अपने संबोधन में अपने संबोधन में अखिलेश यादव का नाम लिए बिना कहा कि इन लोगों की फितरत सिर्फ फिता कांटना है. हो सकता है कि इस (सरयू नहर) परियोजना का फीता भी उन्होंने ही काटा होगा.

बलरामपुर में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने तंजिया लहजे में कहा, ‘सुबह से इंतेजार कर रहा था कि कोई आएगा और कहेगा कि ये हमारी परियोजना है, हमने इसका फीता काटा था. कुछ लोगों की आदत हो गई है ऐसा कहने की. हो सकता है बचपन में इस परियोजना का फीता भी उन्होंने ही काटा हो. इन लोगों की प्राथमिकता सिर्फ फीता कांटना है, जबकि हम लोगों की प्राथमिकता काम को वक्त पर पूरा करना है. उन्होंने कहा, ‘सरयू नहर का काम जो 40 साल से अटका था, हमने 5 साल से पहले पूरा करके दिखाया.

सोच ईमानदार होती है, तो काम भी दमदार होता है- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने साथ ही कहा कि देश की नदियों के जल के सदुपयोग हो, किसानों के खेत तक पर्याप्त पानी पहुंचे, ये सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है. सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना का पूरा होना इस बात का सबूत है कि जब सोच ईमानदार होती है, तो काम भी दमदार होता है. उन्होंने कहा कि सरयू नहर परियोजना में जितना काम 5 दशक में हो पाया था, उससे ज्यादा काम हमने 5 साल से पहले करके दिखाया है. यही डबल इंजन की सरकार है. यही डबल इंजन की सरकार के काम की रफ्तार है.

पीएम मोदी ने बताया उन्हें किस बात की सबसे ज्यादा पीड़ा
पीएम मोदी ने इस दौरान कहा, ‘जिस चीज से मुझे सबसे ज्यादा पीड़ा होती है, वह देश के धन, समय और संसाधन का दुरुपयोग… सरकारी पैसे है तो मेरा क्या… ये तो सरकारी है. ये सोच देश के विकास में सबसे बड़ी रुकावट है. इसी सोच ने इस परियोजना को लटकाया भी भटकाया भी. जिन्होंने जनता के पैसों का दुरुपयोग किया वो जनता के गुनहगार और सज़ा के पात्र हैं…’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘यह पानी देश के किसान तक 20-30 साल पहले पहुंचा होता तो देश का खजाना भरता. खुद किसानों का विकास होता. बच्चों की शिक्षा अच्छी होती. सरयू नहर परियोजना के अटके रहने से किसान का अरबों खरबो का नुकसान हुआ.

बता दें कि सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना के निर्माण की कुल लागत 9800 करोड़ रुपये से अधिक है, जिसमें से 4600 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान पिछले चार वर्षों में किया गया. इस परियोजना में पांच नदियों– घाघरा, सरयू, राप्ती, बाणगंगा और रोहिणी को आपस में जोड़ने का भी प्रावधान किया गया है. इस परियोजना से 14 लाख हेक्टेयर से अधिक खेतों की सिंचाई के लिए पानी मिलेगा और पूर्वी उत्तर प्रदेश के 6200 से अधिक गांवों के लगभग 29 लाख किसानों को लाभ पहुंचेगा. पूर्वी उत्तरप्रदेश के नौ जिलों– बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोण्डा, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संत कबीर नगर, गोरखपुर और महाराजगंज को इसका लाभ मिलेगा.

सरयू नहर परियोजना के लोकार्पण के मौके पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, उप्र के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य मौजूद थे.