
ऋषिकेश, 28 नवंबर 2021
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद कड़ी सुरक्षा के बीच रविवार दोपहर बाद परमार्थ निकेतन पहुंचे। यहां उनका ऋषिकुमारों ने वैदिक मंत्रोच्चारण से स्वागत किया। देर शाम वह पत्नी सविता कोविंद और बेटी स्वाति के साथ सांध्यकालीन गंगा आरती में शामिल हुए। राष्ट्रपति का रात्रि विश्राम परमार्थ निकेतन में ही रहा।
रविवार दोपहर बाद करीब 3.45 बजे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पत्नी और बेटी स्वाति के साथ स्वर्गाश्रम स्थित परमार्थ निकेतन घाट पहुंचे। यहां परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती के सान्निध्य में ऋषिकुमारों और आचार्यों ने तिलक लगाकर, पुष्प वर्षा और शंख ध्वनि से उनका स्वागत किया। मौके पर उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, गढ़वाल सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत भी मौजूद रहे। इस दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज की कुटिया में संस्कृति और अध्यात्म समेत स्वामी चिदानंद सरस्वती के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे विभिन्न सेवा कार्यों पर चर्चा की। इसके बाद वह शाम 5 बजकर 20 मिनट पर परमार्थ निकेतन घाट पहुंचे। यहां शंख, घंटे-घड़ियालों की ध्वनि के बीच गंगा आरती में शामिल होकर राष्ट्रपति अभिभूत नजर आए। राष्ट्रपति की पत्नी सविता कोविंद और बेटी ने गंगा में दीपदान किया।
राष्ट्रपति की यात्रा ऐतिहासिक : स्वामी चिदानंद
ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की यह यात्रा ऐतिहासिक है। वर्ष 1953-54 में भारत के पहले राष्ट्रपति राजेन्द्र प्रसाद और अब 2021 में दूसरी बार राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद परमार्थ निकेतन आए हैं। इस दौरान स्वामी चिदानंद सरस्वती और साध्वी भगवती ने राष्ट्रपति का स्वागत करते हुये उनके जीवन की अविश्वसनीय जीवन यात्रा, राष्ट्र की सेवा के लिए उनकी प्रतिबद्धता और कुम्भ मेला प्रयागराज यात्रा की स्मृतियों को ताजा किया।
गंगा गान प्रस्तुत किया
ऋषिकेश। पर्यावरण के संरक्षण और संवर्द्धन के प्रति जागरूकता के लिए विश्व प्रसिद्ध ग्रैमी पुरस्कार नामांकित, भक्ति गायिका स्नातम कौर द्वारा लिखित और उनके साथ ही ग्रैमी पुरस्कार नामांकित देवा प्रेमल और मितेन, कृष्णा दास, सीसी व्हाइट और अन्य साथियों ने गंगा आरती के दौरान गंगा गान (गंगा एंथम) प्रस्तुत किया।







