
टिहरी गढ़वाल, 8 नवंबर 2021
टिहरी डैम की झील में चलने वाली 108 एंबुलेंस बोट सेवा फिलहाल शो-पीस बनकर रह गई है और झील से सटे 127 गांवों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है. बता दें कि 108 एंबुलेंस बोट सेवा की शुरुआत 2 दिसंबर 2011 में शुरू हुई थी. इसका लाभ 127 गांवों के मरीजों को मिल रहा था. लेकिन समय बीतने के साथ एंबुलेंस बोट सेवा की मेंटेंनेंस में लापरवाही बरती गई. नतीजा हुआ कि बोट में कई तकनीकी खामियां आ गई हैं.
लोग बताते हैं कि कई बार एंबुलेंस बोट सेवा टेक्निकल प्राब्लम के चलते या फ्यूल खत्म होने की वजह से बीच झील में खड़ी हो जाती है. ऐसी स्थिति में मरीज के साथ-साथ तीमारदार, कर्मचारियों की सांसें अटक जाती हैं. कई बार तो एंबुलेंस बोट सेवा समय पर नहीं पहुंच पाती है, जिससे मरीजों को खासी परेशानी होती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि एंबुलेंस बोट सेवा सिर्फ शोपीस बनकर रह गई है और मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है.
टिहरी झील से सटे गांवों के मरीजों को जिला अस्पताल या अन्य अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस बोट सेवा शुरू तो की गई, लेकिन इसका लाभ अब लोगों को नहीं मिल पा रहा है. टिहरी झील में संचालित 108 एबुंलेंस बोट सेवा में जरूरी इक्युपमेंट्स भी नहीं होने के चलते एबुलेंस बोट से मरीज को लाना खतरे से खाली नहीं होता है. जब इस बाबत सीएमओ से पूछा गया तो उनका कहना है कि वे इस संबध में जल्द 108 के अधिकारियों के साथ वार्ता करेंगे.







