
देहरादून, 6 नवंबर 2021
दिवाली के बाद दिल्ली के प्रदूषण से निजात पाने को पर्यटकों ने उत्तराखंड की ओर रुख करना शुरू कर दिया है। वीकेंड पर दिल्ली, हरियाणा, यूपी के पर्यटकों ने बड़ी संख्या में निजी वाहनों से तीर्थनगरी ऋषिकेश, हरिद्वार, हल्द्वानी सहित अन्य पर्यटक स्थलों का रुख किया। सरोवर नगरी नैनीताल एक बार फिर पर्यटकों से गुलजार होने लगी है। मुनिकीरेती,तपोवन क्षेत्र में सैलानियों के भारी संख्या में आने के कारण शनिवार को रीवर राफ्टिंग के लिए भी मारा मारी रही।
दीपावली के बाद देशभर के पर्यटक नैनीताल, भीमताल, मुक्तेश्वर समेत आसपास के पर्यटक स्थलों का रुख कर रहे हैं। पर्यटकों के आने से नैनीताल का पर्यटन कारोबार भी बढ़ने लगा है। इससे पर्यटन कारोबारी भी खुश नजर आ रहे हैं। नैनीताल पहुंचे पर्यटकों ने नैनी झील में नौकायन का लुफ्त उठाया तो वहीं पर्यटक हिमालय दर्शन, लवर्स प्वाइंट, स्नो व्यू समेत विभिन्न पर्यटक स्थलों की सैर की।
पर्यटकों की आमद के बाद मल्लीताल कार पार्किंग भी फुल होने लगी है। दिल्ली से नैनीताल पहुंची पर्यटक ऋतु शर्मा का कहना है कि बीते दिनों दिल्ली में आवश्यकता से अधिक आतिशबाजी हुई थी। इस वजह से दिल्ली में धुंध बनी हुई है। जो स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक है। इस वजह से उनका परिवार दिल्ली की इस धुंध और बीमारी से बचने को नैनीताल समेत आसपास के पर्यटक स्थलों तक पहुंचे हैं।
वीकेंड के बाद नैनीताल पहुंचे पर्यटकों की आमद से दिन भर जाम की स्थिति बनी रही डीएसए ग्राउंड व मेट्रोपोल की पार्किंग फुल रहे। पर्यटकों की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस की ओर से अतिरिक्त फोर्स की भी तैनाती की गई ताकि पर्यटकों को जाम से निजात दिलाया जा सके।
नैनी झील में 2 हजार पर्यटकों ने उठाया नौकायन का लुत्फ
800 पर्यटक चिड़ियाघर, करीब 400 पर्यटकों ने किया बॉटनिकल गार्डन का दीदार, दलित आलेख ब्रिज चुंगी से करीब 400 वाहनों ने शहर में प्रवेश किया। नैनीताल में पर्यटकों की आमद से अब होटल कारोबारी खुश नजर आ रहे हैं। मनु महारानी होटल के जीएम नरेश गुप्ता ने बताया कि दीपावली से पहले सभी होटल 90% तक बुक हो गए थे। लेकिन बीते दिनों आई आपदा के बाद सभी बुकिंग रद्द हो गई। अब एक बार फिर से पर्यटक धीरे-धीरे नैनीताल आ रहे हैं। पटरी से उतरा पर्यटन कारोबार धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है।
तो दूसरी ओर, ऋषिकेश, हरिद्वार सहित अन्य पर्यटक स्थलों की ओर पर्यटकों ने रुख किया। नेशनल हाईवे से लेकर गलियों तक वाहनों के बढ़ते दबाव से लोगों को लंबा जाम झेलना पड़ा। हालात यह रहे कि श्यामपुर, ऋषिकेश, मुनिकीरेती, तपोवन क्षेत्र में दुपहिया वाहन तो दूर सड़क पर पैदल चलना भी चुनौती से कम नहीं रहा।
लड़खड़ाती यातायात व्यवस्था को संभालने में ट्रैफिक पुलिस और होमगार्ड के जवान मशक्कत करते रहे, लेकिन समस्या से निजात नहीं मिली। शनिवार को हरिद्वार बाईपास मार्ग और हरिद्वार-ऋषिकेश राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक के पीछे एक पर्यटक और सवारी वाहन दौड़ते नजर आए। एचआर, दिल्ली और यूपी नंबरों के वाहनों के बढ़ते दबाव से तीर्थनगरी ऋषिकेश के मुख्य मार्ग पूरी तरह पैक रहे। नतीजा लोगों को जाम भुगतना पड़ा।
हाईवे पर श्यामपुर में खदरी रेलवे फाटक से श्यामपुर पुलिस चौकी तक, ऋषिकेश में कोयलघाटी तिराहा से चंद्रभागा पुल तक, मुनिकीरेती में कैलासगेट चौकी से शिवानंद गेट और तपोवन में तपोवन तिराहा से ब्रह्मपुरी तक वाहनों का लंबा जाम रहा। यही नहीं हरिद्वार बाईपास मार्ग पर एआरटीओ से नटराज चौक तक जाम का झाम रहा।
जाम से निजात दिलाने के लिए शहर के तिराहा और चौराहों पर ट्रेफिक पुलिस और होमगार्ड के जवान मशक्कत करते रहे। लेकिन, वाहनों का दबाव कम नहीं होने से जाम की समस्या से निजात नहीं मिली। यही शहर की गलियों में यात्री वाहनों के घुसने से जाम की समस्या रही। हालांकि, पुलिस की ओर से अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात कर ट्रैफिक को नियंत्रण किया गया।
रीवर राफ्टिंग के लिए भी मारामारी रही
मुनिकीरेती,तपोवन क्षेत्र में सैलानियों के भारी संख्या में आने के कारण शनिवार को रीवर राफ्टिंग के लिए भी मारा मारी रही। राफ्टिंग संचालक प्रदीप कुमार, हुकुम सिंह ने बताया कि पर्यटकों की अधिकता के चलते राफ्ट कम पड़ गयी। पहले राफ्टिंग करने की होड़ में पर्यटकों में मारामारी रही। सैलानियों की आमद से पर्यटन कारोबारियों और स्ट्रीट वेंडरों के भी चेहरे खिले रहे।
तपोवन में होटल पैक रहे
दिवाली के बाद पर्यटकों के सैर सपाटे के लिए तीर्थनगरी ऋषिकेश का रुख करने से मुनिकीरेती, स्वर्गाश्रम, तपोवन, लक्ष्मणझूला क्षेत्र में हाईवे किनारे सभी होटल पैक रहे। होटल कारोबारी माधव अग्रवाल, जीएस भंडारी ने बताया कि कोविड संकट से इस साल राहत मिलने के बाद दिवाली के बाद यह पहला सीजन है। जब इतनी बड़ी संख्या में पर्यटक यहां आए हैं।







