अयोध्या, 3 नवंबर 2021

अयोध्‍या वर्ल्‍ड रिकॉर्ड बनाने से बस चंद घंटे की दूरी पर है। थोड़ी देर में राम की पैड़ी पर नौ लाख से ज्‍यादा दीयों की रोशनी से रामनगरी जगमगा उठेगी। इसके साथ ही यह आयोजन गिनीज बुक ऑफ द वर्ल्‍ड रिकॉर्ड में शामिल हो जाएगा। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि दीयों की गिनती कैसे की जाएगी। वर्ल्‍ड रिकॉर्ड के तौर पर इस दीपोत्‍सव-2021 को दर्ज करने वाली टीम कैसे इस काम को अंजाम देगी।

इस बारे में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के टाइम कंसल्टेंट निश्चल भनोट ने मीडिया को बताया कि बताया कि वर्ल्‍ड रिकॉर्ड बनाने के लिए घाटों पर जलाए गए हर दीये को कम से कम पांच मिनट तक एक समान जलना होगा। एक ड्रोन के जरिए दीयों की गिनती की जाएगी। दूसरे ड्रोन के जरिए दीयों के जलने और न जलने की विजुअल जानकारी मिलती है।

अवध विश्वविद्यालय प्रशासन ने 12 हजार वालंटियर के सहयोग से घाट समन्वयक एवं प्रभारी के दिशा-निर्देशन में दूसरे दिन मंगलवार को निश्चित पैटर्न पर दीए बिछाने का कार्य पूरा कर लिया। इन दीयों में बुधवार को ही तेल डालने और जलाने का काम होगा इस बार के दीपोत्सव में 32 घाटों पर लगभग दो सौ समन्वयक, 32 पर्यवेक्षक एवं 32 प्रभारी नियुक्त किए है। दीपोत्सव में प्रत्येक वालंटियर को लगभग 75 दीए जलाने का लक्ष्य दिया गया है। पूर्वाह्न नौ बजे से घाटों पर वालंटियर अपने घाटों पर मुस्तैद रहे और सुनिश्चित पैटर्न पर दीए लगाने का कार्य शुरू कर दिया।

वालंटियर की सुविधा के लिए किया गया बस का प्रबंध

राम पैड़ी के घाट नम्बर दो पर आजादी के अमृत महोत्सव का पैटर्न दिया गया। घाट नम्बर तीन व चार पर केवट व राम- रावण युद्ध के पैटर्न, घाट नम्बर पांच व छह पर राम भक्त हनुमान एवं एक भारत श्रेष्ठ भारत का पैटर्न बनाया गया है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह ने दीपोत्सव का भव्य बनाने के लिए दीपोत्सव के पदधिकारियों को कोविड प्रोटोकाल के साथ सुरक्षा निर्देशों के अनुपालन की हिदायत दी। वालंटियर को आने व जाने में कोई असुविधा न हो इसके लिए बसों का इंतजाम किया गया है। विश्वविद्यालय से तय समय पर बस को राम की पैड़ी पर रवाना किया जाएगा। कोविड-19 के नियमों से सभी वालंटियर को अवगत करा दिया गया है। नोडल अधिकारी प्रो. शैलेन्द्र वर्मा ने बताया कि वालंटियर परिचय पत्र के साथ सुरक्षा का ध्यान रखेंगे।