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देहरादून.

उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्रों में तीन अलग-अलग हादसों में कम से कम 10 ट्रेकरों और 3 पोर्टरों की मौत हो गई. एसडीआरएफ रेस्क्यू टीम ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के 5 ट्रेकरों के शव स्पॉट किए, जबकि एक ट्रेकर को एयरलिफ्ट कर रेस्क्यू किया गया और आर्मी अस्पताल पहुंचाया गया. बागेश्वर में पिंडारी ग्लेशियर से ट्रेकिंग करने वाले 34 सदस्यीय समूह के 4 लोग मारे गए, जो बर्फबारी की चपेट में आ गए थे. हालांकि इस टीम के बाकी सभी सदस्य सुरक्षित बताए गए हैं. दूसरी तरफ, आईटीबीपी पेट्रोलिंग पार्टी के साथ 17 अक्टूबर को गए 3 लापता पोर्टरों के शव बरामद किए जा चुके हैं. कुल मिलाकर हिमालयी बर्फबारी में अब तक 13 मौतों की खबर है.

पहला हादसा : ट्रेकरों की तलाश जारी

एसडीआरएफ के डीआईजी रिधिम अग्रवाल ने बताया कि 14 अक्टूबर को उत्तराखंड के ​हर्षिल से हिमाचल प्रदेश के लिए 11 सदस्यों का एक ट्रेकिंग दल रवाना हुआ था, जिसमें 8 ट्रेकर, 1 रसोइया और 2 गाइड थे. यह पूरा दल 17 अक्टूबर को बर्फबारी और खराब मौसम के चलते संपर्क से कट गया था. उन्होंने बताया कि समुद्र तल से 20,000 फीट की ऊंचाई पर हुए इस हादसे में ज़िंदा बचे लोगों की तलाश की जा रही है.

दूसरा हादसा : आईटीबीपी टीम के पोर्टर मारे गए

इससे पहले न्यूज़18 ने आपको बताया था कि आईटीबीपी की एक पेट्रोलिंग टीम के साथ गए और लापता हो गए 3 पोर्टरों के शव बरामद किए गए थे. दरअसल अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे नीलापानी में आईटीबीपी की पोस्ट से एक टुकड़ी पेट्रोलिंग पर निकली थी. भीषण बर्फबारी में आईटीबीपी के जवान तो किसी तरह खुद को बचाने में कामयाब हो गए, लेकिन 3 पोर्टर बर्फ में दबकर मारे गए. सर्च अभियान में तीनों के शव तीन दिन बाद बरामद कर लिए गए.

तीसरा हादसा : पिंडारी ग्लेशियर में बनी कब्र

एक अन्य हादसे में बागेश्वर ज़िले में 24 देसी ट्रेकरों और 6 विदेशियों और 30 ग्रामीण समेत कुल 60 लोग पिंडारी ग्लेशियर के पास खराब मौसम की चपेट में आए. आधिकारिक नोट में बताया गया कि इनमें से 4 ट्रेकरों के मारे गए और 2 अन्य लापता हैं. इनके रेस्क्यू के लिए एनडीआरएफ की टीम रास्ते में है जबकि वन और राजस्व विभाग की टीमें स्पॉट पर हैं. बता दें कि पिंडारी ग्लेशियर पर्वतारोहियों के बीच काफी लोकप्रिय हिमालयी क्षेत्र है.

और कहां अटके हैं कितने टूरिस्ट?

कुमाऊं अंचल में कई पर्यटक फंसे हुए हैं. गुंजी से आर्मी के चिनूक हेलीकॉप्टर ने 30 लोगों को एयरलिफ्ट किया, जिनमें से 11 पर्यटक थे. यह पिथौरागढ़ ज़िले में कैलाश मानसरोवर के रास्ते के बीच एक छोटे से पड़ाव से किया गया. ज़िले में महाराष्ट्र के एक पर्यटक के सर्दी से मारे जाने की खबर है. खराब मौसम के कारण ठप हुए रास्तों की वजह से अल्मोड़ा में सैकड़ों पर्यटक अटके हुए हैं. इसी तरह रास्तों के बंद होने से अन्य स्थानों पर भी लोग फंसे हुए हैं.