
देहरादून, 19 अक्टूबर 2021
कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष पूर्व सीएम हरीश रावत और काबीना मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत के बीच जारी जुबानी जंग और तेज हो गई। मंगलवार को हरक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस छोड़ने के बाद हरीश और उनके समर्थकों ने जेल भिजवाने की कई साजिश की। मेरे चरित्र हनन का भी प्रयास किया। लेकिन कामयाब नहीं हो पाए। बकौल हरक राजनीति में किसी का भी विश्वास कर लिया जाए, लेकिन हरीश भाई का विश्वास कतई नहीं करना चाहिए।
मंगलवार को यमुना कालोनी स्थिति सरकारी कोठी में मीडिया से बातचीत में हरक ने अपने मन का गुबार निकाला। कहा कि राजनीति में मर्यादाओं का पालन किया जाना चाहिए। लेकिन रावत ने ऐसा कभी नहीं किया। वो हमें पापी पापी कह कर पुकारते हैं, लेकिन जनता को हकीकत पता है। हरक ने कहा कि कांग्रेस छोड़ने के बाद मेरे विधानसभा स्थिति कार्यालय में ताला लगवाने वो खुद ही पहुंच गए थे।
बकौल हरक, यदि छलनी दावा करे कि वो पानी रोक लेगी, तो उसका विश्वास कर लेना चाहिए। लेकिन हरीश की बात का नहीं। मालूम हो कि हरीश और हरक के बीच पिछले काफी समय से जुबानी युद्ध चल रहा है। हरीश हरक समेत कुछ नेताओं को लोकतंत्र का अपराधी मानते हुए पापी करार दे चुके हैं। तो हरक ने भी अब पलटवार कर दिया है। कहा कि मेरे पास पूरे प्रमाण हैँ पर मैं ऐसी बातों का पक्षधर नहीं है। इसलिए अनदेखी करता हूं।
हरक-काऊ की प्रीतम से मुलाकात ने गरमाया माहौल
उत्तराखंड के सियासी गलियारों में नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह और काबीना मंत्री हरक सिंह रावत, रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ की मुलाकात भी खासी चर्चा में है। हरक के हरीश पर हमले से पहले प्रीतम हरक के घर पर ही थे। मीडिया केा आया देखकर प्रीतम वहां से चले गए। हालांकि प्रीतम कैंप का कहना है कि व्यासी बांध के प्रभावितों के मुद्दे को लेकर प्रीतम हरक से मिलने गए थे। यह एक सामान्य मुलाकात थी।







