वाराणसी, 13 सितम्बर 2021

वाराणसी क्राइम ब्रांच ने रविवार को नीट परीक्षा के दौरान सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश करते हुए बीएचयू में बीडीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा और उसकी मां को गिरफ्तार किया है। एक अन्य आरोपित भाग निकला। छात्रा दूसरे के स्थान पर परीक्षा दे रही थी। गैंग का मास्टरमाइंड पटना का पीके है। गैंग में केजीएमयू लखनऊ का एक डॉक्टर भी शामिल बताया गया है। पुलिस ने सोमवार को मामले का खुलासा किया।

इस सॉल्वर गैंग का नेटवर्क पूर्वोत्तर राज्यों तक फैला है। अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। सूत्रों का दावा है कि दो और लोग हिरासत में लिए गए हैं लेकिन पुलिस अभी कुछ कहने से बच रही है। मेडिकल में प्रवेश के लिए रविवार को नीट परीक्षा हुई थी। सारनाथ थाना क्षेत्र के टड़िया सोना तालाब स्थित सेंट फ्रांसिस जेवियर स्कूल में भी सेंटर था। यहां कक्ष निरीक्षक को छात्रों की जांच के दौरान एक युवती पर संदेह हुआ। उनकी सूचना पर सारनाथ पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम स्कूल पहुंची। परीक्षा बाधित न हो, इसलिए पुलिस ने तत्काल किसी को डिस्टर्ब नहीं किया। पुलिस युवती पर निगाह गड़ाए रही। परीक्षा खत्म होते ही पुलिस ने युवती को रोक लिया।

मां आई थी बेटी को परीक्षा दिलाने

पुलिस की जांच में पता चला कि रोल नंबर 4411112041 पर अभ्यर्थी हिना विश्वास की जगह बीएचयू में बीडीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा जूली कुमारी परीक्षा दे रही थी। जूली मूल रूप से पटना में वैष्णवी कॉलोनी की रहने वाली है। पुलिस को पता चला कि छात्रा को उसकी मां बबिता देवी परीक्षा दिलाने लाई थी। परीक्षा केंद्र से उसे भी पकड़ लिया गया। इन दोनों का सहयोगी खगड़िया का विकास कुमार महतो केन्द्र से फरार हो गया। पुलिस ने मां-बेटी के कब्जे से एक फर्जी आधार कार्ड, नीट परीक्षा की प्रश्न पुस्तिका, प्रवेश पत्र, एक फोटो, दो मोबाइल और एक मूल आधार कार्ड बरामद किया है।

सब्जी बेचते हैं पिता, पांच लाख का लालच

बीएचयू की छात्रा जूली के पिता मुन्ना कुमार पटना में सब्जी बेचते हैं। सॉल्वर गैंग ने उनकी पत्नी बबिता से संपर्क किया और पांच लाख रुपये का लालच दिया। कहा कि अगर तुम्हारी बेटी हमारी कैंडिडेट की जगह बैठ कर परीक्षा दे देगी तो सेंटर से बाहर निकलते ही पांच लाख रुपये मिल जाएंगे। इसके लिए बबिता को 50 हजार रुपये पेशगी भी दिए गए थे। बबिता लालच में आ गई और अपनी बेटी जूली को असल कैंडिडेट की जगह परीक्षा में बैठने के लिए राजी कर लिया।

इनका कहना…

छात्रा और उसकी मां को गिरफ्तार कर लिया है। इस बड़े गैंग का मास्टर माइंड पीके पटना का है। इस गैंग शामिल सभी लोगों की गिरफ्तारी के प्रयास हो रहे हैं।

-ए. सतीश गणेश, पुलिस आयुक्त, वाराणसी

सरगना पीके सिर्फ कूरियर से भेजता है संदेश
सॉल्वर गैंग का सरगना पीके पटना का निवासी है। उसके गुर्गे बिहार, यूपी सहित अन्य राज्यों में सॉल्वर सेट करते हैं और उन्हे रुपयों का प्रलोभन देते हैँ। ये लोग जरूरतमंदों को टारगेट करते हैं, ताकि वो आसानी से लालच में आ जाएं। सरगना पीके अपनी पहचान कहीं पर नहीं छोड़ता है। वह केवल कूरियर के जरिए संदेश भेजता है। पुलिस उसे ट्रेस नहीं कर सके इससे वह फोन से कम बात करता है। लग्जरी लाइफ भी नहीं जीता है। वह आम लोगों की तरह ट्रेन में सफर करता है, जिससे किसी को शक न हो।
कॉल डिटेल से पुलिस जोड़ रही लिंक
पुलिस गिरफ्तार छात्रा के मोबाइल से उसका कॉल रिकॉर्ड खंगाल रही है। मोबाइल में कई ऐसे नंबर मिले हैं, जो संदेह के घेरे में है। पुलिस उन नंबरों को ट्रेस करने में जुटी हुई है। पुलिस कॉल रिकॉर्ड से लिंक जोड़ रही है। पीके के संबंध में वाराणसी पुलिस ने पटना पुलिस से भी संपर्क किया है। पटना की पुलिस भी पीके के बारे में पड़ताल में जुटी हुई है।