पीएम मोदी के खिलाफ बोले गए वो 5 शब्द, जो बीजेपी की धुआंधार जीत में बने वजह

पीएम मोदी के खिलाफ बोले गए वो 5 शब्द, जो बीजेपी की धुआंधार जीत में बने वजह

गुजरात विधानसभा चुनाव को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने चिरपरिचित अंदाज में धुआंधार रैली शुरू कर दी है. चुनाव को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने दो दिन के अंदर 8 रैलियां संबोधित कर डाली हैं. इसी बीच पीएम मोदी ने कांग्रेस की उस गलती को फिर पकड़ लिया है जिसके दम पर वो बीते कई चुनावों में हवा बदलते आए हैं. 

दरअसल गुजरात में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मधुसूदन मिस्त्री ने पार्टी का चुनावी घोषणापत्र जारी करते हुए कहा था कि इस चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘औकात’ याद दिला देंगे. 

कांग्रेस नेता के इस बयान को बीजेपी के स्टार प्रचारक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पकड़ लिया और पलटवार करते हुए गुजरात के सुरेंद्रनगरी में कहा, ‘कांग्रेस अब चुनाव में विकास की बात नहीं करती है. इसकी जगह कांग्रेस के नेता मुझे औकात दिखाने की बात करते हैं. उनका घमंड देखिए. निश्चित तौर पर वे एक राज परिवार से हैं जबकि मैं एक जन सेवक हूं. मेरी कोई औकात नहीं है.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहीं नहीं रुके. उन्होंने उन पुरानी बातों का भी जिक्र किया जो कांग्रेस नेताओं की ओर से कही गई थीं और बीते कई चुनाव में बीजेपी के लिए चुनाव में जीत का भी काम करते रहे हैं. 

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पीएम मोदी ने कहा,’पहले भी कांग्रेस ने मेरे लिए मौत का सौदागर, ‘नीच आदमी’ और ‘नाली का कीड़ा’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया है. मैं आपसे (कांग्रेस) अनुरोध करता हूं कि औकात की बात करने की जगह आप लोग विकास की बात करें.’

जब ‘मौत का सौदागर’ बना कांग्रेस की हार वजह
गुजरात में 2007 में विधानसभा चुनाव हुआ. कांग्रेस की तत्कालीन अध्यक्ष और यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने एक चुनावी रैली में दंगों को लेकर उस समय गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहराया और उनको ‘मौत का सौदागर’ कह दिया. सोनिया गांधी की यह टिप्पणी गुजरात में कांग्रेस के लिए ही काल बन गई. हिंदुत्व की प्रयोगशाला में ऐसा ध्रुवीकरण हुआ कि कांग्रेस आज तक उससे उबर नहीं पाई. बीजेपी को इस चुनाव में बीजेपी को इस चुनाव में 116 सीटें मिली थीं. कांग्रेस को मात्र 59 और अन्य को 6 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा.

‘नीच की राजनीति’, प्रियंका गांधी का बयान पड़ा भारी
साल 2014 के चुनाव में बीजेपी ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बना दिया था. देश पहली बार किसी को नेता को दिन-रात चुनावी रैलियों में लगातार टीवी पर देख रहा था. चुनावी इतिहास में ऐसा पहला मौका था जब किसी नेता के लिए इतना बड़ा चुनावी अभियान चलाया गया था. लेकिन दूसरी ओर कांग्रेस की अगुवाई में 10 सालों तक चली यूपीए सरकार के नेता लस्त-पस्त नजर आ रहे थे. इसी बीच कांग्रेस की ओर से अमेठी और रायबरेली में चुनाव प्रचार कर रहीं प्रियंका गांधी के मुंह से एक बयान निकलता है. वो नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए कहती हैं, ‘नीच राजनीति’. बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार ने प्रियंका के इस बयान को अपनी जाति से जोड़ दिया और अमेठी में हुई रैली में वह पलटवार करते हुए कहते हैं, ‘मैं नीची जाति में पैदा जरूर हुआ हूं लेकिन कभी नीच स्तर की राजनीति नहीं करता. इससे पहले मुझे चाय बेचने वाला बोलकर गालियां दी गईं और अब मुझे जाति के आधार पर अपमानित किया गया. नीची जाति में पैदा होना गुनाह नहीं है.’  इसके बाद कांग्रेस पूरे चुनाव में सफाई देती रही. लेकिन तब तक बीजेपी कांग्रेस से बहुत आगे निकल चुकी थी.

मणिशंकर अय्यर का ‘चाय वाला’ बयान
देश में लोकसभा चुनाव 2014 की तैयारियां चल रही थीं. कांग्रेस ने इस चुनाव में राहुल गांधी को चेहरा बना लिया था. चुनाव से पहले पार्टी में जोश भरने के लिए दिल्ली में कांग्रेस का अधिवेशन बुलाया गया था. इसी सम्मेलन में कांग्रेस के नेता मणिशंकर अय्यर ने बीजेपी के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को ‘चाय वाला’ कह डाला. उन्होंने कहा था, ‘यदि मोदी यहां चाय बेचने आते हैं तो कांग्रेस उनका स्वागत करेगी.’ मणिशंकर अय्यर का ये बयान कांग्रेस के लिए भारी पड़ गया. देश के चौक-चौराहों पर लगीं चाय की दुकानों पर नरेंद्र मोदी के चाय वाला होने की वजह से उनके पक्ष में माहौल बनने लगा. 

‘नीच की राजनीति’, अय्यर फिर बोले
साल 2017 का विधानसभा चुनाव चल रहा था. कांग्रेस इस चुनाव में बीजेपी खासी टक्कर देते नजर आ रही थी. इस चुनाव में राहुल गांधी ने गुजरात में 40 दिन तक प्रचार किया और 27 मंदिरों का दौरा कर डाला. जीएसटी, पाटीदार आंदोलन और सीएम पद के चेहरे के तौर पर मोदी का न होना, ये सभी समीकरण कांग्रेस के पक्ष में थे. माहौल ऐसा बन गया था कि आखिरी के चरणों में पीएम मोदी को धुआंधार प्रचार के लिए उतरना पड़ा था. लेकिन इसी बीच मणिशंकर अय्यर ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए ‘नीच’ शब्द का इस्तेमाल कर दिया. क्रिकेट में टी-20 की तरह ही गुजरात में भी चुनाव एकदम से बदल गया. कांग्रेस बैकफुट पर आ गई. राहुल गांधी ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश की और अय्यर के पार्टी से निकाल दिया. लेकिन तब तक पीएम मोदी कांग्रेस का नुकसान कर चुके थे.

‘चौकीदार चोर है’ का नारा कर गया बैकफायर
साल 2019 के चुनाव में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राफेल डील में घोटालेबाजी का आरोप लगाकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सीधा हमला बोल दिया. उन्होंने कहा जिस पर देश की तिजोरी की चौकीदार की जिम्मेदारी थी उसने ही चोरी कर दी. राहुल गांधी ने ‘चौकीदार चोर है’ का नारा दे दिया. जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बिना बैकफुट पर जाए ‘मैं भी चौकीदार’ का नारा दिया. पीएम मोदी ने कहा कि देश का हर नागरिक चौकीदार है. इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में मोदी सरकार को क्लीनचिट दे दी और संसद में चली इसी मुद्दे पर हुई बहस भी सरकार की ओर से तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जोरदारी से जवाब दिया. ये नारा कांग्रेस के लिए बैकफायर कर गया. 

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