पंजाब के जालंधर से एक अहम खबर सामने आई है। 2 किलो अफीम की बरामदगी से जुड़े एक मामले में जालंधर की पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर के खिलाफ अदालत ने जमानती वारंट जारी किया है। जालंधर कोर्ट ने पेश न होने पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें आदेश दिया है कि वे बुधवार को खुद अदालत में हाजिर हों और 5,000 रुपये की जमानत राशि जमा करें।
मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला साल 2024 का है। उस समय जालंधर पुलिस ने एक व्यक्ति को 2 किलो अफीम के साथ गिरफ्तार किया था और उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने उस वक्त दावा किया था कि इस कार्रवाई के जरिए एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग रैकेट का भी पर्दाफाश किया गया है।
पेश न होने पर कोर्ट सख्त
इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए थे। हालांकि, वे निर्धारित तारीख पर अदालत में पेश नहीं हुईं। उनकी ओर से दलील दी गई कि वे वीवीआईपी ड्यूटी में व्यस्त थीं, जिसके कारण कोर्ट नहीं आ सकीं।
अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया और मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त रुख अपनाया। कोर्ट ने माना कि सुनवाई में देरी बर्दाश्त नहीं की जा सकती और इसी आधार पर पुलिस कमिश्नर के खिलाफ जमानती वारंट जारी करने के आदेश दिए गए।
पुलिस महकमे में हलचल
अदालत के इस फैसले के बाद पुलिस विभाग में भी हलचल तेज हो गई है। कोर्ट ने साफ निर्देश दिए हैं कि अगली सुनवाई पर पुलिस कमिश्नर को खुद पेश होना होगा और 5,000 रुपये की जमानत राशि जमा करनी होगी। मामले में आगे की सुनवाई अब उनकी पेशी के बाद की जाएगी।
यह मामला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि इसमें एक तरफ एनडीपीएस एक्ट जैसा गंभीर कानून जुड़ा है, वहीं दूसरी ओर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के खिलाफ अदालत की सख्ती सामने आई है।




