उत्तर प्रदेश सरकार में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह शुक्रवार को जल जीवन मिशन की समीक्षा के लिए झांसी पहुंचे। इस दौरान जब मीडिया ने उनसे महोबा में बीजेपी विधायक से हुई बहस और जल जीवन मिशन के कार्यों पर उठ रहे सवालों को लेकर सवाल पूछे, तो मंत्री ने जवाब देने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “महोबा वाली किसी बात पर कोई उत्तर नहीं देना है। मेरे साथ कोई घटना नहीं हुई।”
मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने इस दौरान विपक्षी दलों की टिप्पणियों और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बयान पर भी प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। मीडिया के सवालों से बचते हुए वे अपने निर्धारित कार्यक्रम की ओर बढ़ते नजर आए।
विधायक के सवाल पर मंत्री हुए नाराज़
जब पत्रकारों ने चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत द्वारा उठाए गए 20 दिन में समस्या समाधान वाले बयान पर सवाल किया, तो मंत्री स्वतंत्र देव सिंह झल्ला गए। उन्होंने कहा,
“मैंने एक दिन का समय दिया है, जबरदस्ती न करें।”
मंत्री ने दोहराया कि उनका मुख्य फोकस जल जीवन मिशन है और वे झांसी के 36 गांवों में इस योजना के कार्यों की समीक्षा करने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी वे इसी मिशन के तहत गांवों का दौरा कर चुके हैं।
महोबा में जल जीवन मिशन पर उठे सवालों से इनकार
महोबा में जल जीवन मिशन के तहत किए गए कार्यों पर उठ रहे आरोपों को खारिज करते हुए स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि इस मामले में जिलाधिकारी का बयान पहले ही आ चुका है।
उन्होंने कहा,
“डीएम का बयान देख लीजिए, मुझे अब कुछ नहीं कहना है।”
क्या है महोबा का पूरा मामला?
दरअसल, शुक्रवार को महोबा में एक कार्यक्रम के बाद जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के काफिले को चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत ने अपने समर्थकों के साथ रोक लिया था। बताया गया कि विधायक के साथ 100 से अधिक ग्राम प्रधान भी मौजूद थे। इस दौरान मंत्री और विधायक के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
विधायक बृजभूषण राजपूत ने आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन के तहत सड़कों की खुदाई के बाद उनकी हालत खराब हो गई है और अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस पर समस्या के समाधान के लिए 20 दिन का समय देने की बात कही गई थी। सत्ता पक्ष के मंत्री और विधायक के बीच हुई इस नोकझोंक पर विपक्ष के साथ-साथ आम लोग भी सवाल उठा रहे हैं।
‘मेरा काम सिर्फ जल जीवन मिशन’
झांसी पहुंचने पर मीडिया से बातचीत में स्वतंत्र देव सिंह ने दो टूक कहा,
“मेरा काम जल जीवन मिशन में काम करना है। मैं लगातार गांवों का दौरा कर रहा हूं।”
उन्होंने दोहराया कि वे राजनीतिक बयानबाजी में नहीं पड़ना चाहते और योजना के काम पर ही ध्यान केंद्रित करेंगे।
जल जीवन मिशन का बचाव करते दिखे मंत्री
अपने विभाग और योजना का बचाव करते हुए स्वतंत्र देव सिंह ने कहा,
“आज वर्षों की पीड़ा का अंत हुआ है। हर नल में पर्याप्त और सुरक्षित पानी की सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है। यह योजना बेहद महत्वपूर्ण है। पहले महिलाएं सिर पर मटके रखकर पानी का इंतजार करती थीं, उसी समस्या को खत्म करने के लिए इस परियोजना की शुरुआत हुई।”
उन्होंने आगे कहा कि जल जीवन मिशन के तहत भूजल का दोहन नहीं किया जा रहा, बल्कि सतही जल से पानी की आपूर्ति की जा रही है। मंत्री ने दावा किया कि महोबा में लोगों से पूछताछ की गई और अधिकांश लोगों ने बताया कि उन्हें नियमित रूप से पानी मिल रहा है।
‘जितना शोर मचा, उतना मामला नहीं’
अंत में मंत्री ने सफाई देते हुए कहा कि महोबा में 37 गांवों के लोगों से बात की गई थी और वहां कोई बड़ी समस्या सामने नहीं आई। उन्होंने कहा,
“विधायक जनता का काम लेकर आए थे, लेकिन जितना शोर मचाया गया, उतना मामला नहीं है। अगर विधायक मुझसे मिलते, तो बातचीत से समाधान निकल सकता था।”
इस पूरे घटनाक्रम के बाद महोबा और झांसी में जल जीवन मिशन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीति और गरमा सकती है।




