हिमाचल चुनाव में मिशन रिपिट पर भाजपा: मोदी बोले- इस बार रिवाज बदलने की जिम्मेदारी मां-बहनों पर

शिमला। Himachal Pradesh Assembly Election 2022:  हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज, बुधवार को कांगड़ा में रैली को संबोधित किया। शाहपुर के चंबी मैदान से बोलते हुए मोदी ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने बेटियों के लिए कई काम किए। हिमाचल में रिवाज बदलने की जिम्मेदारी मां-बहनों की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रैली को संबोधित करने से पहले कांगड़ी भाषा में लोगों का आदर-सत्कार किया। उन्होंने खुद को कांगड़ा से जोड़ते हुए रथयात्रा का जिक्र किया और उस दौरान के भाजपा नेतृत्व को याद किया। 

उन्होंने राज्य विधानसभा चुनाव के लिए अच्छा घोषणा पत्र बनाने पर भारतीय जनता पार्टी को बधाई भी दी। साथ ही यह भी कहा कि हिमाचल विकास के 11 शुभ संकल्प प्रदेश को विकास की नई ऊंचाई पर ले जाएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की राजस्थान और छत्तीसगढ़ में ही सरकार बची है। वहां से विकास की खबरें कभी भी नहीं आती हैं। हां, आपसी झगड़े की खबरें जरूर आती रहती हैं। ऐसे में तो कभी  विकास नहीं हो सकता। 

‘यूपी, उत्तराखंड और मणिपुर में सरकार रिपिट हुई है’

अपने संबोधन में मोदी ने कहा कि कांग्रेस का मतलब अस्थिरता, भ्रष्टाचार और विकास में रोड़े अटकाने की गारंटी है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की जनता ने अपने-अपने प्रदेशों में भाजपा सरकार रिपिट की है। मणिपुर में भी भाजपा सरकार रिपिट कर  नया इतिहास बना है। ऐसे में हिमाचल में भी यह ट्रेंड जारी रहना चाहिए। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में हिमाचल प्रदेश में प्रवास के दोरान इस्तेमाल की गई किशन कपूर की जीप के बारे में बताते हुए कहा कि वह टूटी हालत में भी मंजिल तक पहुंचा देती थी। 

काफिला रूकवाकर एंबुलेंस को दिलाया रास्ता 
यही नहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने चंबी मैदान तक पहुंचने से पहले रास्ते में जा रही एक एंबुलेंस को पहले रास्ता दिलवाया। इसके लिए काफिले को रैली स्थल से पहले ही किनारे रोका गया। एंबुलेंस के निकलने के बाद पीएम का काफिला फिर रवाना हुआ। 

दिल्ली, सिक्किम और नागालैंड जैसे कुछ राज्य जहां कांग्रेस का एक भी विधायक नहीं 
प्रधानमंत्री ने कहा कि तमिलनाडु की जनता ने कांग्रेस को 60 साल पहले निकाला था, वहां पार्टी अब तक वापस नहीं आई और न ही लोग उसे आने दे रहे हैं। यूपी, गुजरात और बिहार में भी यही हाल है। यहां करीब 40 साल पहले सत्ता से गई कांग्रेस अब तक नहीं लौटी है। नागालैंड में भी 25 साल से इसे हार ही मिल रही और दिल्ली, सिक्किम तथा नागालैंड जैसे कुछ राज्य हैं, जहां कांग्रेस का एक भी विधायक नहीं है। 

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