लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस का घोषणा पत्र जारी, 5 न्याय और 25 गारंटी का किया वादा

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2024 के लिए कांग्रेस ने अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है। कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र को न्याय पत्र नाम दिया है। कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र पांच ‘न्याय’ और 25 ‘गारंटी’ का वादा किया है। कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी समेत कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में कांग्रेस मुख्यालय में घोषणापत्र जारी किया गया।

क्या हैं कांग्रेस के 5 न्याय?

श्रमिक न्याय
युवा न्याय
नारी न्याय
किसान न्याय
हिस्सेदारी न्याय

कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में जाति जनगणना, OPS, नौकरी में 50 फीसदी महिला आरक्षण, किसानों के लिए स्वामीनाथन फॉर्मूले के साथ MSP की कानूनी गारंटी, गरीब परिवार की एक महिला को हर साल 1 लाख रुपये, मुफ्त इलाज, अस्पताल, श्रमिकों के लिए 25 लाख का हेल्थ कवर, डॉक्टर, टेस्ट, दवा, सर्जरी और बिना जमीन वालों को जमीन देने का वादा किया है।

कांग्रेस ने घोषणापत्र के कुछ बड़े एलान :

जातियों और उपजातियों और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थितियों की गणना के लिए एक राष्ट्रव्यापी सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना आयोजित की जाएगी. आंकड़ों के आधार पर सकारात्मक कार्रवाई के एजेंडे को मजबूत किया जाएगा.
एससी, एसटी और ओबीसी के लिए आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत बढ़ाई जाएगी.
आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) के लिए नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में 10 प्रतिशत का आरक्षण बिना किसी भेदभाव के सभी जातियों और समुदायों के लिए लागू किया जाएगा.
एक साल के अंदर एससी, एसटी और ओबीसी के लिए आरक्षित पदों की सभी बैकलॉग रिक्तियों पर भर्ती.
कांग्रेस सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों में नियमित नौकरियों की संविदा व्यवस्था को खत्म कर देगी.
घर-निर्माण, व्यवसाय शुरू करने और संपत्ति खरीदने के लिए एससी और एसटी को संस्थागत ऋण बढ़ाया जाएगा.
भूमि सीमा अधिनियम के तहत गरीबों को सरकारी भूमि और अधिशेष भूमि के वितरण की निगरानी के लिए एक प्राधिकरण की स्थापना की जाएगी.
एससी और एसटी समुदायों से संबंधित ठेकेदारों को ज्यादा सार्वजनिक कार्य कॉन्ट्रैक्ट देने के लिए पब्लिक खरीद पॉलिसी का दायरा बढ़ाया जाएगा.
ओबीसी, एससी और एसटी छात्रों के लिए स्कॉलरशिप की धनराशि दोगुनी की जाएगी, खासकर हाइयर एजुकेशन के लिए. एससी और एसटी छात्रों को विदेश में पढ़ने में सहायता और उनके लिए पीएचडी करने के लिए स्कॉलरशिप की संख्या दोगुनी की जाएगी.
गरीबों, एससी और एसटी छात्रों के लिए आवासीय विद्यालयों का एक नेटवर्क बनाया जाएगा और इसे हर ब्लॉक तक बढ़ाया जाएगा.

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