भोजन से लेकर रिफंड तक… कोहरे की मार से उत्तर भारत में उड़ानें प्रभावित, सरकार ने एयरलाइंस को दिए सख्त निर्देश

उत्तर भारत में घने कोहरे और कम दृश्यता (विजिबिलिटी) के चलते हवाई सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। हालात को देखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सभी एयरलाइंस को यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा से जुड़े नियमों का कड़ाई से पालन करने के आदेश दिए हैं। मंत्रालय ने साफ कहा है कि खराब मौसम में भी यात्रियों के अधिकारों से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।

कोहरे में हवाई सफर बना चुनौती
लगातार बढ़ रहे कोहरे के कारण देश के कई हिस्सों में उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ है। खासकर सुबह और देर शाम के समय कम विजिबिलिटी ने हवाई यातायात को मुश्किल बना दिया है।

सैकड़ों फ्लाइट्स लेट, कई रद्द
बीते कुछ दिनों में कोहरे की वजह से सैकड़ों उड़ानें देरी से चलीं, जबकि कई फ्लाइट्स को रद्द करना पड़ा। देश का सबसे व्यस्त एयरपोर्ट इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट इस स्थिति से सबसे ज्यादा प्रभावित रहा।

यात्रियों को समय पर सही सूचना देना जरूरी
मंत्रालय ने अपने ऑफिस मेमोरेंडम में कहा है कि ऐसी स्थिति में एयरलाइंस को उड़ानों की स्थिति की सटीक और समय पर जानकारी यात्रियों को देनी होगी। फ्लाइट लेट या कैंसिल होने पर यात्रियों को स्पष्ट कारण बताना अनिवार्य होगा।

देरी होने पर भोजन और रिफ्रेशमेंट की व्यवस्था
निर्देशों के मुताबिक, यदि उड़ान में लंबी देरी होती है तो एयरलाइंस को यात्रियों के लिए भोजन और रिफ्रेशमेंट उपलब्ध कराना होगा। साथ ही री-बुकिंग या टिकट रिफंड का विकल्प भी देना जरूरी होगा।

समय पर चेक-इन करने वालों को बोर्डिंग से न रोका जाए
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जिन यात्रियों ने तय समय पर चेक-इन कर लिया है, उन्हें मौसम खराब होने के बावजूद बोर्डिंग से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

डायवर्ट फ्लाइट्स के लिए भी इंतजाम जरूरी
यदि किसी उड़ान को खराब मौसम के कारण वैकल्पिक एयरपोर्ट पर उतारना पड़ता है, तो वहां यात्रियों के लिए भोजन, रिफ्रेशमेंट और आगे की यात्रा की व्यवस्था करना एयरलाइंस की जिम्मेदारी होगी। कनेक्टिंग फ्लाइट, बैगेज और बिना अभिभावक यात्रा कर रहे बच्चों पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया है।

एयरपोर्ट पर स्टाफ बढ़ाने के निर्देश
कोहरे के ज्यादा असर वाले समय में एयरपोर्ट पर हेल्प डेस्क समेत जरूरी स्थानों पर अतिरिक्त स्टाफ तैनात करने के आदेश दिए गए हैं, ताकि यात्रियों को तुरंत सहायता मिल सके।

 

दिव्यांग यात्रियों को विशेष मदद
दिशा-निर्देशों में दिव्यांग यात्रियों को हर संभव सहायता देने, समय पर रिफंड, बैगेज सुविधा और शिकायत निवारण व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है।

मंत्रालय का बयान
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि घने कोहरे और कम विजिबिलिटी के कारण उड़ान संचालन प्रभावित है, ऐसे में एयरलाइंस को यात्री सुविधा नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।

हर सर्दी में बढ़ती है समस्या
गौरतलब है कि हर साल सर्दियों में उत्तर भारत में घना कोहरा छा जाता है, जिससे हवाई, रेल और सड़क यातायात पर असर पड़ता है। ऐसे हालात में यात्रियों को राहत देने की जिम्मेदारी सरकार और एयरलाइंस दोनों की बढ़ जाती है

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