40 साल पहले साबी नदी में मिली थी ‘रहस्यमयी’ तिजोरी, अब जल्द खुलेगा इस खजाने का राज

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अलवर. राजस्थान के अलवर में 40 साल पहले नदी से एक तिजोरी बरामद की गई थी, जिसका आज तक कोई दावेदार सामने नहीं आया है. साहबी नदी में मिली तिजोरी को  कोटकासिम थाने में रखा गया था. इस रहस्यमयी तिजोरी का न कोई पुराना रिकॉर्ड है और न ही इसके मालिक के नाम का पता चल सका है. बरसों तक थाने में रखी इस तिजोरी से पुलिस का ध्यान भी हट चुका था. अब इस तिजोरी को नए थाने के भवन में रखा गया है. तिजोरी को पुलिस ने 38 एक्ट तहत जब्त कर रिकॉर्ड चढ़ाया गया है.

बताया जा रहा है कि यह तिजोरी इतनी भारी है कि इसे शिफ्ट करने के लिए क्रेन बुलानी पड़ी. इसके अंदर क्या है इस रहस्य से अब तक पर्दा नहीं उठ पाया है. तिजोरी को एसपी स्तर पर कमेटी के आदेश पर खोला जाएगा. पुलिस ने बताया कि तिजोरी लोहे की है और काफी भारी है. अकेली तिजोरी में करीब एक क्विंटल से ज्यादा का वजन हो सकता है. अंदर रखे सामान में भी एक क्विंटल वजन होने का अनुमान है, लेकिन अंदर क्या हो सकता है, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है. हालांकि तिजोरी की मजबूत बनावट से इस बात का अनुमान लगाया जा रहा है कि गहने और रुपए हो सकते हैं.

कोर्ट के जरिए पूरी होगी प्रक्रिया

अब कानूनी प्रक्रिया पूरी कर इसे खोला जाएगा. तिजोरी के मालिकाना हक को लेकर पुलिस ने एक सूचना भी जारी की है. इस तिजोरी का कोई रिकॉर्ड नहीं है. ऐसे में कोर्ट के जरिए पूरी प्रक्रिया होगी. पहले की तरह तिजोरी में धन हुआ तो सरकारी खजाने में जमा कराया जाएगा.

 1981 में आई बाढ़ के दौरान मिली थी यह ‘रहस्यमयी’ तिजोरी 

कोटकासिम थाने के पुराने कर्मचारियों से मिली जानकारी के अनुसार साल 1981 में आई बाढ़ के दौरान यह तिजोरी साबी नदी के बहाव क्षेत्र में मिली थी. गौरतलब है कि 10 साल पहले भी पुलिस को थाने में एक बहुत छोटी तिजोरी मिली थी, जिसे कानूनी प्रक्रिया के तहत खोला गया था. इसमें 156 चांदी के सिक्के मिले थे.