20 वर्ल्ड कप के बाद शिवम दुबे ने पहचान छिपाकर ट्रेन से क्यों किया सफर? जानिए पूरा मामला

20 वर्ल्ड कप के बाद शिवम दुबे ने पहचान छिपाकर ट्रेन से क्यों किया सफर? जानिए पूरा मामला

टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में अहम भूमिका निभाने वाले भारतीय ऑलराउंडर शिवम दुबे का घर लौटने का सफर काफी अलग रहा। अहमदाबाद में फाइनल जीतने के कुछ ही घंटों बाद मुंबई जाने के लिए फ्लाइट न मिलने पर उन्होंने ट्रेन से यात्रा की। भीड़ से बचने के लिए दुबे ने कैप, मास्क और फुल स्लीव टी-शर्ट पहनकर अपनी पहचान छिपाई और एसी-3 टियर कोच की अपर बर्थ पर कंबल ओढ़कर सफर किया। इस दौरान उन्होंने पूरी यात्रा बेहद सादगी से की और कोशिश की कि कोई उन्हें पहचान न सके।

भारतीय टीम ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर खिताब अपने नाम किया। इस मुकाबले में भारतीय ऑलराउंडर शिवम दुबे ने अहम भूमिका निभाई। अंतिम ओवर में उन्होंने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए टीम के स्कोर को 250 के पार पहुंचाने में बड़ा योगदान दिया। दुबे ने 20वें ओवर में तीन चौके और दो छक्के लगाकर भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। फाइनल जीतने के बाद स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शक ‘दुबे-दुबे’ के नारों से गूंज उठे। मैदान पर जश्न का माहौल था और टीम इंडिया के खिलाड़ी जीत का जश्न मना रहे थे। लेकिन इसी बीच शिवम दुबे का घर लौटने का सफर एक अलग ही अंदाज में शुरू हुआ। जीत के कुछ ही घंटों बाद उन्होंने चुपचाप मुंबई के लिए रवाना होने का फैसला कर लिया।

फ्लाइट नहीं मिली तो ट्रेन से निकल पड़े मुंबई

फाइनल मुकाबले के बाद टीम के अधिकांश खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ फ्लाइट के जरिए अपने-अपने शहरों के लिए रवाना हुए। हालांकि शिवम दुबे को मुंबई के लिए कोई फ्लाइट उपलब्ध नहीं हो सकी। ऐसे में उन्होंने ट्रेन से यात्रा करने का फैसला किया। दुबे ने बताया कि अहमदाबाद से मुंबई जाने वाली सभी फ्लाइट्स पूरी तरह से बुक थीं। ऐसे में उन्होंने सुबह जल्दी ट्रेन पकड़ने का विकल्प चुना। सड़क मार्ग से भी मुंबई जाया जा सकता था, लेकिन ट्रेन अपेक्षाकृत तेज और सुविधाजनक विकल्प साबित हो सकती थी। शिवम दुबे अपनी पत्नी अंजुम और एक दोस्त के साथ अहमदाबाद-मुंबई सायाजी एक्सप्रेस में सवार हुए। उन्हें एसी-3 टियर कोच में टिकट मिली, इसलिए उन्होंने उसी बोगी में यात्रा की। वर्ल्ड कप जीतने के बाद ट्रेन से सफर करने का उनका यह फैसला कई लोगों के लिए हैरान करने वाला था।

पहचान छिपाने के लिए अपनाया खास प्लान

टी20 विश्व कप जीत के तुरंत बाद शिवम दुबे को इस बात का अंदेशा था कि अगर किसी ने उन्हें पहचान लिया तो स्टेशन या ट्रेन में भारी भीड़ जमा हो सकती है। ऐसे में भगदड़ जैसी स्थिति भी बन सकती थी। इसी वजह से उन्होंने अपनी पहचान छिपाने के लिए खास योजना बनाई। दुबे ने कैप, मास्क और फुल स्लीव टी-शर्ट पहनकर खुद को इस तरह ढक लिया कि लोग उन्हें आसानी से पहचान न सकें। दुबे ने बताया कि जब उन्होंने परिवार और दोस्तों को ट्रेन से जाने का फैसला बताया तो सभी को थोड़ी चिंता हुई। उन्हें डर था कि अगर स्टेशन या ट्रेन में किसी ने पहचान लिया तो हालात संभालना मुश्किल हो सकता है। लेकिन दुबे ने तय किया कि वह शांत तरीके से यात्रा करेंगे और भीड़ से बचते हुए घर पहुंचेंगे।

ट्रेन की अपर बर्थ पर छिपे रहे वर्ल्ड कप हीरो

सुबह करीब 5:10 बजे ट्रेन रवाना होने वाली थी। दुबे को उम्मीद थी कि उस समय प्लेटफॉर्म पर ज्यादा भीड़ नहीं होगी, लेकिन वहां कई क्रिकेट प्रशंसक मौजूद थे। कुछ लोग भारतीय टीम की जर्सी पहने हुए भी दिखाई दिए। ऐसे में दुबे ने अपनी योजना थोड़ी बदल दी। उन्होंने अपनी पत्नी से कहा कि वह ट्रेन छूटने से कुछ मिनट पहले तक कार में ही इंतजार करेंगे और फिर आखिरी समय में ट्रेन में चढ़ेंगे। जैसे ही ट्रेन रवाना होने का समय करीब आया, दुबे तेजी से ट्रेन में चढ़े और सीधे अपनी सीट की ओर बढ़ गए। वहां पहुंचते ही उन्होंने एसी-3 टियर कोच की अपर बर्थ पर जगह ली और रेलवे का कंबल ओढ़कर लेट गए। पूरी यात्रा के दौरान उन्होंने खुद को कंबल से ढके रखा, ताकि किसी की नजर उन पर न पड़े और वह आराम से सफर कर सकें।

टीटीई को भी नहीं हुआ शक

सफर के दौरान टिकट चेक करने के लिए टीटीई डिब्बे में आया। उसने सीट नंबर के अनुसार टिकट चेक करना शुरू किया। जब वह दुबे की सीट तक पहुंचा तो उसने पूछा कि इस सीट पर कौन है। रिपोर्ट्स के मुताबिक टीटीई को थोड़ी देर के लिए शक हुआ कि कहीं यह शिवम दुबे तो नहीं हैं। लेकिन दुबे ने कंबल ओढ़ रखा था और उनकी पत्नी ने भी सामान्य जवाब दिया। इसके बाद टीटीई आगे बढ़ गया और दुबे की पहचान छिपी रही। पूरे सफर के दौरान दुबे शांत रहे और आराम करने की कोशिश करते रहे, क्योंकि लंबे टूर्नामेंट और जश्न के बाद वे काफी थक चुके थे।

आठ घंटे के सफर के बाद सुरक्षित पहुंचे घर

करीब आठ घंटे की यात्रा के बाद जब ट्रेन मुंबई पहुंची तो दुबे ने एहतियात के तौर पर पुलिस से संपर्क किया। उन्हें डर था कि स्टेशन पर फैंस उन्हें पहचान सकते हैं। पुलिस की मदद से वह सुरक्षित अपने घर पहुंच गए। घर पहुंचते ही उनके परिवार और बच्चों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। वर्ल्ड कप जीत के बाद अपने घर लौटना उनके लिए खास पल था। पूरे टूर्नामेंट में शिवम दुबे का प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने कई अहम मौकों पर टीम के लिए महत्वपूर्ण रन बनाए और फाइनल में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से भारत की जीत में बड़ी भूमिका निभाई। उनकी इस पारी को लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

Share post:

Popular

More like this
Related