देहरादून, 14 सितम्बर 2021

पुरोला विधायक राजकुमार के दलबदल के बाद कांग्रेस की अंदरूनी सियासत काफी गरमा गई है। सोमवार को दिनभर कांग्रेस में कई नामों को लेकर अफवाहें उड़ती रहीं। माना जा रहा है कि गढ़वाल की कुछ सीटों पर भाजपा, कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों पर नजर गड़ाए है। ये वो सीटें हैं जहां भाजपा के रणनीतिकार खुद को 19 मानकर चल रही है।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने पार्टी के नेताओं के दलबदल करने को लेकर हो रही चर्चाओं का निराधार बताया। उन्होंने कहा कि राजकुमार अपने आप में बेहद कमजोर कड़ी थी इसलिए वो चले गए। अब कोई व्यक्ति पार्टी से जाने वाला नहीं है। बकौल गोदियाल, प्रदेश में भाजपा से जनता का मोहभंग साफ साफ बता रहा है कि वह अब डूबता जहाज है। डूबते जहाज में कोई बैठने वाला नहीं है।

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के शीर्ष नेता, खुद को ब्रेफिक्र तो जरूर दिखा रहे हैं पर अंदरखाने दलबदल के लिहाज से संवेदनशील सभी चेहरों पर नजर रखी जा रही है। बीते रोज हरिद्वार में प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस में अपनी उपेक्षा का मुद्दा उठाकर सुर्खियों में आए पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गरम रहा। हालांकि किशोर समर्थकों ने इसे कोरी अटकल ही करार दिया।

सूत्रों के अनुसार, दलबदल की चर्चाओं के तेजी पकड़ने पर पार्टी शीर्ष नेताओं ने ऐसे कुछ नेताओं से बातचीत कर उनके मन को भी टटोला है। फिलहाल किसी बड़े नाम ने जाने की बात नहीं की है।

कांग्रेस ने राजकुमार से इस्तीफा मांगा

कांग्रेस ने दलबदल कर भाजपा में शामिल हुए पुरोला विधायक राजकुमार से इस्तीफा मांगा है। यदि राजकुमार विधायक पद से इस्तीफा नहीं देते तो कांग्रेस उनके खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही करेगी। सोमवार को नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि दलबदल कर लेने के बाद राजकुमार को विधायक बने रहे का अधिकार नहीं रह गया है। उम्मीद है राजकुमार जल्द ही नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देंगे। यदि वो इस्तीफा नहीं देते तो नियमानुसार विधानसभा में कार्यवाही शुरू की जाएगी।

दलबदल से सतर्क कांग्रेस अब ज्यादा आक्रामक
पुरोला विधायक राजकुमार को भाजपा के हाथों गंवाने के बाद कांग्रेस अब हाईअलर्ट मोड में है। कांग्रेस अब अपना चुनाव अभियान ज्यादा आक्रामक अंदाज में शुरू करने जा रही है। सोमवार शाम प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने दिल्ली में प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव के साथ डेढ़ घंटे तक भावी रणनीति पर चर्चा की। बैठक में चुनाव अभियान को और आक्रामक बनाने पर सहमति बनी।

दलबदल पर साफ किया गया कि पार्टी कार्यकर्ताओं के सम्मान की कीमत पर किसी बाहरी व्यक्ति को नहीं लिया जाएगा। बैठक के बाद गोदियाल ने भाजपा पर सवाल दागा कि 57विधायकों के प्रचंड बहुमत वाली पार्टी को आखिरकार चुनाव के लिए दूसरे दलों के नेताओं की जरूरत क्यों पड़ रही है? इससे साबित हो जाता है कि भाजपा सरकार नाकाम रही है।

अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए वो सीएम बदलने, विधायकों के टिकट काटने और दूसरे दलों में सेंध लगाने के काम कर रही है।  यह भाजपा की हताशा को जाहिर कर रहा है। गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड की जनता भाजपा की हकीकत जान चुकी है। मंगलवार को कांग्रेस चारधाम यात्रा को शुरू कराने की मांग लेकर विधानसभ के समक्ष धरना देगी। 18 सितंबर से परिवर्तन यात्रा का हरिद्वार में दूसरा चरण शुरू किया जाएगा।

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