नैनीताल, 14 सितम्बर 2021

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा को लेकर गतिरोध हंगामे की हद तक पहुंच चुका है. एक तरफ कांग्रेस के कार्यकर्ता चारधाम यात्रा को शुरू किए जाने की मांग को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, तो वहीं आज मंगलवार को उत्तराखंड कांग्रेस के दिग्गज नेता विधानसभा भवन के सामने धरना देने जा रहे हैं. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पूर्व सीएम हरीश रावत की मौजूदगी में चारधाम यात्रा का मुद्दा गरमाएगा. उधर, चारधाम यात्रा पर रोक लगाने के हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची सरकार ने शीर्ष अदालत से याचिका वापस ले ली है और सुप्रीम कोर्ट ने इजाज़त दे दी है कि हाई कोर्ट से ही यात्रा पर लगी रोक को लेकर सरकार अपना पक्ष रख ले.

चारधाम यात्रा सुचारू किए जाने को लेकर सोमवार को कांग्रेस की ज़िला कमेटी, एनएसयूआई और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने बदरीनाथ कूच किया. इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों की पुलिस बल के साथ झड़प भी हुई. वास्तव में दोपहर पांडुकेश्वर पहुंचे कांग्रेसियों को रोकने के लिए पहले ही पुलिस बल मौजूद था, जिसका विरोध करते हुए कांग्रेसियों ने गिरफ्तारियां दीं. पुलिस के साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं का यह गतिरोध करीब तीन घंटे तक चलता रहा.

कांग्रेस ने कहा सरकार ‘तानाशाह’
ज़िला कांग्रेस और एनएसयूआई पदाधिकारियों के हवाले से खबरों में कहा गया कि चारधाम यात्रा पर लगी रोक हटवाने में नाकाम रही उत्तराखंड सरकार ने गरीब लोगों की आ​जीविका का संकट खड़ा कर दिया है. कांग्रेसियों ने कहा सरकार का रवैया तानाशाह ढंग का है, जिससे लोग मुश्किल और गुस्से में हैं. यही नहीं, हक हुकूकधारियों तक के अधिकारों पर सरकार का बर्ताव निराशाजनक रहा है.

अब हाई कोर्ट में सरकार लगा सकेगी गुहार

नैनीताल से रिपोर्ट दी गयी कि उत्तराखण्ड सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से एसएलपी वापस ले ली. सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को छूट दी कि वो हाईकोर्ट में इस मामले फिर से प्रार्थना पत्र दाखिल कर सकती है. वास्तव में, चारधाम यात्रा से रोक हटाने के लिए हाल में जब हाई कोर्ट में राज्य सरकार ने याचिका दायर की थी, तो हाई कोर्ट ने यही कहा था चूंकि सुप्रीम कोर्ट में सरकार पहले ही जा चुकी है इसलिए अब वह सुनवाई नहीं करेगा. अब याचिकाकर्ता व वकील दुष्यंत मैनाली ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सरकार हाई कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल कर सकती है.

गौरतलब यह भी है कि केदारनाथ में तीर्थ पुरोहितों का क्रमिक आंदोलन अनशन के रूप में कई हफ्तों से बदस्तूर अब भी जारी है. चारधाम में शुमार केदारनाथ के पुरोहित देवस्थानम बोर्ड को भंग करने की मांग पर डटे हुए हैं. उनका कहना है कि 30 अक्टूबर तक अगर सरकार ने इसे भंग नहीं किया तो उग्र आंदोलन होगा. वहीं सीएम पुष्कर सिंह धामी सरकार इस बोर्ड की समीक्षा की कमेटी बनवा चुकी है और पुरोहितों को लगातार आश्वासन दे रही है.

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