नैनीताल, 23 सितम्बर 2021

उत्तराखंड में चार धाम यात्रा बीते शनिवार से तब शुरू हो सकी, जब उससे पहले हाई कोर्ट ने प्रतिबंध हटाते हुए हरी झंडी दी. केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा तीन ज़िलों चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में जारी है, लेकिन इन तीनों ही ज़िलों के प्रशासनिक अफसरों को कोर्ट ने आदेश दिया है कि यात्रा के बारे में लगातार निगरानी की जाए. निगरानी किस तरह की जा रही है और क्या स्थितियां पेश आ रही हैं, इस बारे में हर सप्ताह रिपोर्ट पेश करने के आदेश ​भी दिए गए हैं. चमोली स्थित वैधानिक सेवाओं के प्राधिकरण के अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी.

चमोली स्थित इस प्राधिकरण के सचिव सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि चार धाम यात्रा पर पूरी तरह निगरानी रखने के बारे में हाई कोर्ट ने तीनों ज़िलों के अधिकारियों को आदेश दिया है. समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट की मानें तो सिंह ने यह भी पुष्टि की कि तीनों ही ज़िलों को हाई कोर्ट में वीकली रिपोर्ट देनी होगी. वास्तव में ये आदेश कोविड 19 की आशंकित तीसरी लहर के मद्देनज़र दिए गए हैं.

रिपोर्ट में क्या बताना होगा?
सिंह के मुताबिक, ‘चार धाम यात्रा के दौरान अधिकारियों को निर्देश हैं कि वो कोविड संबंधी गाइडलाइन्स का पालन प्रशासनिक स्तर के साथ ही, श्रद्धालुओं से भी करवाएं. साथ ही, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन और उत्तराखंड सरकार द्वारा किए जाने वाले इंतज़ामों, फैसलों आदि के संबंध में भी इन्हें निगरानी रखनी है और इसकी पूरी रिपोर्ट पेश करनी है.’

गौरतलब है कि पिछले हफ्ते हाई कोर्ट ने चार धाम यात्रा को सशर्त मंज़ूरी देते हुए कुछ नियम व शर्तें तय कर दी थीं. यात्रा में बेतहाशा भीड़ न जुटे इसके लिए एक दिन में एक धाम पर अधिकतम श्रद्धालुओं की संख्या तय की गई थी. सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क के नियमों का पालन करवाए जाने के निर्देश दिए गए थे. साथ ही, उन्हीं श्रद्धालुओं को अनुमति देने के निर्देश जारी किए गए थे, जिनके पास कंपलीट वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट हो या फिर निगेटिव रिपोर्ट.

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